- वाजिदपुर गांव से पांच दिन पहले लापता हो गया था डिलीवरी बाॅय, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। वाजिदपुर गांव से 25 अक्तूबर को लापता हुए डिलीवरी बाॅय आशीष (22) का क्षत-विक्षप्त शव बृहस्पतिवार को दादरी गांव में किसान ओमपाल सिंह के गन्ने के खेत में पेड़ पर रस्सी से बने फंदे पर लटका हुआ मिला। पुलिस प्रथम दृष्टया जांच में इसे आत्महत्या मान रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशीष की गर्दन की हड्डी टूटी हुई मिली।
रंछाड़ गांव निवासी इमरान बृहस्पतिवार को किसान ओमपाल सिंह के गन्ने के खेत में फसल बांधने का काम कर रहा था। तभी पेड़ पर फंदे पर लटका हुआ शव दिखाई दिया। वहां आए पुलिसकर्मियों ने लोगों को बुलाकर पहचान कराई तो वाजिदपुर गांव के विकास, अनिल ने शव की पहचान आशीष के रूप में की। विकास ने बताया कि आशीष देहरादून में ऑनलाइन डिलीवरी देने का काम करता था।
25 अक्तूबर को मोबाइल ठीक कराने और बैंक से रुपये निकालने के लिए बाइक लेकर घर से निकला था। उन्होंने बड़ौत कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। अगले दिन आशीष की बाइक सड़क किनारे खड़ी हुई मिली थी। आशीष के परिवार में मां बेबी, पिता जितेंद्र, भाई गौरव, बहन प्रिया रह गए हैं। इस मामले में सीओ सुकन्या शर्मा ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में आत्महत्या करना सामने आया है।