दीप जलेंगे देश में कहें जब मोदी संत
बागपत, बड़ौत। क्षेत्रीय कवियों ने रविवार को ऑनलाइन काव्य गोष्ठी की। इस दौरान वक्ताओं ने अपने घरों में रहने की अपील की और कोरोना वायरस से निपटने के लिए हिम्मत भरी।
लोक साहित्य संस्कृति समिति बागपत के तत्वावधान मेेें ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। कवि दिनेश वत्स ने ‘ समस्या है बड़ी ज्वलंत कैसे होगा तेरा अंत, दीप जलेंगे देश में कहें जब मोदी संत’ रचना सुनाई। कवि सत्यपाल सत्यम ने घरों में कैद रहो, बिल्कुल सफर में मत निकलो, उधर कोरोना खड़ा है..रचना सुनाई। सुधीर अनुपम ने ‘मुसीबत से हिम्मत से लो काम यारो, करो घर के अंदर ही आराम यारो कड़ी तोड़नी है कोरोना की मिलकर एक दीपक तो जलाओ यारों सुनाकर दाद बटोरी। गजेंद्र गजानन ने ‘मत चुभो किसी के दिल मेें शूल की तरह, रहो तो रहो, किसी के दिल में फूल की तरह, करेगा पूरा देश तुम्हारे चमत्कार को नमस्कार, जलाकर दीप तुम निकलो तो सूरज की तरह’ सुनाई। संजय स्वामी राम काश आज एक तीर अदृश्य भेदी चल जाए, कोरोना को पड़े रोना हम आजाद हो जाए, अजय तोमर ने है उनका आभार हमारी खातिर छोड़ के घर निकले, नमन कोरोना वीरों को जो जान दांव पर घर से निकले।