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दीपक ने दी जान: 'सुहागरात पर ही गुड्डी ने बता दिया था किसी और से है प्यार', भाई ने बताई पूरी बात; नौ पर FIR

Tue, 23 Jun 2026 09:32 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: सिक्योरिटी गार्ड दीपक ने पत्नी गुड्डी से विवाद होने पर फंदा लगाकर जान दे दी। गुड्डी शादी के एक माह बाद ही मायके चली गई थी। परिवार परामर्श केंद्र पर समझौते के लिए सुनवाई चल रही थी। परिजनों ने दीपक का शव रखकर हंगामा किया। 
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दीपक की फाइल फोटो और रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में कोर्ट रोड पर गली नंबर चार में पत्नी के मायके जाने और अलग रहने के लिए जबरन समझौता कराए जाने से क्षुब्ध सिक्योरिटी गार्ड दीपक (23) ने मंगलवार सुबह घर में ही फंदे पर लटककर जान दे दी। परिजनों ने ससुराल वालों पर परिवार परामर्श केंद्र में जबरन समझौता कराकर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए शव कोतवाली के बाहर रखकर हंगामा किया। पत्नी व उसके पिता समेत नौ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर दीपक का अंतिम संस्कार किया गया।
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केस दर्ज करने की मांग के लिए थाने पर एकत्र लोग। - फोटो : अमर उजाला
शहर के कोर्ट रोड निवासी राहुल ने बताया कि उसका भाई दीपक दिल्ली के अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसकी शादी इसी साल मार्च माह में गुड्डी निवासी नंगला जाफराबाद के साथ की थी, जो निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स है। आरोप लगाया कि सुहागरात से पहले ही गुड्डी ने उसके भाई दीपक को अपने प्रेमी के बारे में बता दिया था। इस पर भी उसके भाई ने कुछ नहीं कहा था। 

आरोप है कि कुछ दिन बाद दीपक ड्यूटी से वापस आया तो गुड्डी किसी युवक से व्हाट्सएप कॉल पर बात करती हुई मिली। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। उन्होंने गुड्डी के पिता को बुलाकर बातचीत की तो उन्होंने दोनों में समझौता करा दिया। लेकिन कुछ दिन बाद ही गुड्डी अपने मायके चली गई। राहुल ने आरोप लगाया कि मायके वालों के साथ योजना बनाकर गुड्डी ने पुलिस से झूठी शिकायत कर दी। इसके बाद कई बार झूठा शिकायती पत्र देकर उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया और मामला निपटाने के लिए चार लाख रुपये देने का दबाव भी बनाया गया।
 

सोमवार को पुलिस कार्यालय स्थित परिवार परामर्श केंद्र में उनके परिवार वालों को बुलवाकर गुड्डी, उसके पिता सुंदर, सुनील, महेश, मंजू, संदीप, रितेश, राजेश ने उसके भाई दीपक को झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी। इसकी वजह से परिवार परामर्श केंद्र में गुड्डी से सभी जेवर वापस लेने के साथ ही सारा सामान और ढाई लाख रुपये देने का समझौता जबरन करा दिया गया।
 

इससे दीपक मानसिक रूप से परेशान हो गया और आत्महत्या करने की बात करने लगा। उन्होंने दीपक को काफी समझाया। बताया कि मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे छत पर गया तो वहां पर दीपक पंखे पर चादर बांधकर बनाए गए फंदे पर लटका हुआ मिला। पुलिस ने आकर उसका शव उतारा। 
दीपक अपने परिवार में चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था और उसके पिता की 15 साल पहले मौत हो चुकी है। एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार तहरीर के आधार पर सभी नौ आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इसमें जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
 

प्राथमिकी दर्ज होने के इंतजार में दो घंटे रखा रहा शव
राहुल ने आरोप लगाया कि उन्होंने सुबह करीब 11 बजे पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन शाम चार बजे तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इससे गुस्साए परिवार वाले चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर कोतवाली पहुंच गए और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी। इसके बाद दो घंटे में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कॉपी दे दी। इस दौरान दो घंटे तक दीपक का शव रखा रहा। तब जाकर अंतिम संस्कार किया।
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दीपक ने हाथ जोड़े, पैर पकड़े, फिर भी नहीं माने
राहुल ने परिवार परामर्श केंद्र में तैनात दरोगा पर भी पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दरोगा ने उनकी सुनवाई नहीं की और गुड्डी पक्ष के कहने पर कई बार दीपक को धमकाया भी गया। उस समय दीपक ने अपने ससुराल वालों के सामने हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर गुड्डी को साथ भेजने की गुहार लगाई थी, लेकिन वे नहीं माने। बाद में मंगलवार को सामान वापस लेकर जाने की बात कही गई। दबाव में उन्हें स्वीकार करना पड़ा। इसे दीपक बेइज्जती मान गया, जिसे वह सहन नहीं कर सका और फंदे पर लटककर जान दे दी।

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