बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बड़ागांव के पास रविवार रात कैंटर की साइड लगने से राजस्थान के गोगामेड़ी बागड़ धाम से वापस घर जा रहे बदायूं जिले अल्लापुर चमारी, निजामपुर, चेतू नंगला, मदारपुर उसमानपुर, सराय मड़िया खागी के 13 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 22 घायल हो गए थे। 13 मृतकों में से छह का पोस्टमार्टम बागपत जिला अस्पताल में हुआ और छह का मेरठ मेडिकल कॉलेज तो एक का दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में कराया गया।
बागपत में जिनके शवों का पोस्टमार्टम हुआ, उन सभी की मौत चोट लगने के बाद ज्यादा खून बहने से होना सामने आया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मृतकों के 10 से 12 अंदरूनी चोटें मिलीं, जिनकी पसलियां टूटकर गुर्दे और दिल में घुसी मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि पिकअप पलटने पर अंदर बैठे श्रद्धालु एक्सप्रेसवे व एक-दूसरे के ऊपर गिरकर घायल हो गए थे।
इनकी हुई थी मौत
हादसे में मुन्नी यादव (55), उनके पति जयसिंह उर्फ साधु यादव (60) पुत्र मुंशी, देवर प्रेमसिंह यादव निवासी अल्लापुर चमारी, दीक्षा (2), उसके भाई सौरभ (4) पुत्र विकास यादव निवासी सराय मुड़िया खागी, मूर्ति देवी (60) पत्नी थान सिंह, भगवती यादव (45)पत्नी छत्रपाल, जितेंद्र यादव (10) पुत्र नैनपाल, रामेश्वर यादव (80) पुत्र सूबेदार सिंह, अवनीश निवासी अल्लापुर चमारी, मुनीम यादव (45) पुत्र आनन्द कुमार निवासी गौसपुर बिनावर, बेगमवती यादव (60) पत्नी मुन्नालाल निवासी निजामपुर, शुगड़पाल यादव उर्फ सुगमपाल (35) पुत्र नेत्रपाल निवासी चेतु नंगला की मौत हो गई थी।
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