दाहा। पलडी गांव के जनता इंटर कॉलेज में सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल द्वारा नौवें दिन राष्ट्रीय वीरांगना प्रशिक्षण शिविर हुआ। वहां बेटियों को निशानेाजी, लाठी, भाला फेंकने व तलवार चलाने का प्रशिक्षण दिया।
बौद्धिक सत्र में साध्वी डॉ. उत्तमा यति ने स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महर्षि दयानंद ने देश के आत्म गौरव के पुनरुत्थान का कार्य किया। उन्होंने सत्य की खोज के लिए अपने परिवार का त्याग कर दिया था। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य के पालन से व्यक्ति में आत्म नियंत्रण, नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो समाज को सुधारने में मदद करती है।
उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। शिक्षक सचिन आर्य ने बालिकाओं को बताया कि माइग्रेन, तनाव से हम किस प्रकार बच सकते हैं। इसके लिए योग निद्रा का अभ्यास कराया। शिक्षिका सृष्टि आर्य, तराना आर्य, आराध्या आर्य व ऋचा आर्य ने सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, चंद्र नमस्कार, रस्साकसी और आत्मरक्षा के लिए लाठी व तलवार चलाना, कराटे व धनुष चलाने का अभ्यास कराया।
इस मौके पर नीरज कुमारी आर्य, शिवकुमार चौधरी, आचार्य धर्मवीर सिंह आर्य, हरपाल सिंह आर्य, रघुनाथ सिंह, शक्ति सिंह, सतेंद्र आदि रहे।