बागपत। यहां शनिवार को गर्मी ने लोगों को झुलसाया तो उमस ने परेशानी को बढ़ा दिया। यहां शनिवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी कसर ओवरलोड से बार-बार बिजली कट तथा लो वोल्टेज ने पूरी कर दी। बागपत शहर में चार घंटे और पुराने कस्बे में दस घंटे बिजली कट ने लोगों की हालत खराब कर दी।
बागपत शहर में उप केंद्र तथा लाइन में मरम्मत कराने की बात कहते हुए दोपहर एक से शाम पांच बजे तक बिजली ठप रखी गई। जबकि पुराना कस्बा बागपत में सुबह सात से शाम पांच बजे तक बिजली नदारद रही। अधिकांश हिस्सों में पेयजल संकट बना रहा। बिजली नहीं मिलने से शहर के एक लाख लोग परेशान रहे।
गांवों में बिजली ने लोगों को रुलाने में कसर नहीं छोड़ी। अगर किसी जगह बिजली आई तो वहां बड़ी समस्या लो वोल्टेज की रही। इस तरह झुलसा देने वाली गर्मी और ऊपर से बिजली कट से जिलेभर के 16 लाख लोगों का दिन का चैन और रात की नींद खराब हो रही है। जबकि ऊर्जा निगम के अधिकारी इस पर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
440 के बजाय डेढ़ सो वोल्टेज भी नहीं
440 वोल्टेज बिजली मिलनी चाहिए। मगर शहर से लेकर गांवों तक अधिकांश लोगों की शिकायत है कि डेढ़ सौ वोल्टेज भी बिजली नहीं मिल रही है। कम वोल्टेज से कूलर एवं पंखे तथा एसी फेल हो गए हैं। पुराना कस्बा बागपत के अंश चौहान तथा विकास चौहान, निवाड़ा के गुलजार अहमद, गौरीपुर जवाहर नगर के राजकुमार, सिसाना के बिजेंद्रे सिंह ने कहा कि कई बार तो इतनी कम वोल्टेज मिलती है कि पंखे तक नहीं घूमते। कम वोल्टेज में सबमर्सिबल पंप नहीं चलने से पानी संकट भी झेलना पड़ रहा है।
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ऐसी बिजली आपूर्ति व्यवस्था
-82 विद्युत उप केंद्रों से जिले को बिजली दी जा रही
-90 लाख यूनिट बिजली बागपत को प्रतिदिन जरूरत
-70 लाख यूनिट से ज्यादा बिजली नहीं मिल पा रही
-364 एमवीए अतिरिक्त लोड बढ़ने से समस्या गहराई
-2.80 लाख कनेक्शन धारक कम बिजली से परेशान
-29 हजार नलकूपों को सिंचाई के लिए कम बिजली
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-बागपत शहर के उप केंद्र पर एक नया फीडर सृजित कर उसको चालू कराने के लिए शटडाउन लेना पड़ा। इसलिए बिजली कट रहा। शहर हो या गांव हर जगह शेड्यूल के अनुसार पूरी बिजली मिल रही है। - ऋषिपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम