यूपी पुलिस में चयनित होने के बाद शैली और नेहा को आर्शीवाद देेते चाचा सुभाष नैन व प्रवीण नैन
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उप्र पुलिस भर्ती परिणाम आते ही गांव-गांव सफलता के जश्न के संग होली का रंग गाढ़ा हो गया। बेटियों ने दमदारी दिखाकर हर तरफ अपनी सफलता की चर्चा कराई और नारी सशक्तीकरण की शानदार मिसाल पेश की। वैसे तो जिले की करीब 60 बेटियां खाकी वर्दी पहनेंगी, मगर अकेले सुरूरपुरकलां गांव की 12 बेटियों का चयन होने से वहां जश्न कुछ ज्यादा है।
गांव का मान बढ़ाया, अब अपराधियों को सबक सिखाएंगी
वहां के लोग इसपर फक्र करते हुए कहते हैं कि बेटियों ने गांव का गौरव तो बढ़ाया ही है, लेकिन ट्रेनिंग के बाद जब तन पर खाकी वर्दी पहनेंगी, तब गुंडों और बदमाशों को सबक सिखाएंगी। खाकी पहनने का लक्ष्य पाने को बेटियों के बुलंद इरादें और संघर्ष की दास्तान शायद ही लोग जानते हैं। बेटियों ने अपनी संघर्ष की कहानियों को साझा किया जो बाकी बेटियों के अंदर ऐसा ही हौंसला पैदा कर सकें।