उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के छपरौली के रठौड़ा गांव में होली के दिन तीन हत्याओं में शामिल आरोपी शराब पीते रहे और हत्याएं करते रहे। पहले अमित उपाध्याय की हत्या की गई और फिर हेड कांस्टेबल की मां बिमलेश पर हमला किया गया।
दोनों घटनाओं में शामिल आरोपी नलकूप पर मिल गए और फिर मनीष उर्फ मोनू की हत्या की गई। हालांकि अमित की हत्या के बाद गांव में पुलिसबल तैनात कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी घटनाएं नहीं रूकीं।
रठौड़ा में परिक्रमा के दौरान अमित उपाध्याय और सागर के बीच जब विवाद हुआ तो बताया जा रहा है कि उस समय सागर शराब के नशे में था। उसने अपने दो भाई वंश और अक्षय को बुलाकर ही विवाद में अमित उपाध्याय की हत्या कर दी।
इसके दो घंटे बाद रठौड़ा में ही दूसरा झगड़ा हुआ। यूपी पुलिस की हेड कांस्टेबल प्रिया के घर के बाहर मनीष उर्फ मोनू उर्फ कटड़ा दोस्तों नितिन व परविंद्र के साथ खड़ा होकर गाली-गलौज व हंगामा कर रहा था तो वह भी पूरी तरह से नशे में था।
हेड कांस्टेबल प्रिया के मां-बाप पर रॉड से हमला
वहां आए हेड कांस्टेबल प्रिया के पिता रामफल ने हंगामा करने से मना किया तो वह चला गया। थोड़ी देर बाद ही मनीष ज्यादा नशे की हालत में अपने साथ नितिन और परविंद्र को लेकर पहुंचा और रामफल के साथ उसकी पत्नी बिमलेश पर लोहे की रॉड से हमला किया। बिमलेश की मौत हो गई, जबकि रामफल की हालत गंभीर बनी हुई है।
हत्या के बाद नलकूप पर जाकर छिपे
अमित उपाध्याय की हत्या के बाद सागर, वंश और अक्षय बाइक पर बैठकर दो किलोमीटर दूर जंगल में अपने नलकूप पर पहुंचे, जो दिनभर अपने नलकूप पर ही छिपकर शराब पीते रहे। जबकि वंश गांव में चला गया था। घटना के बाद कई लोग नलकूप पर उनसे मिलने भी गए।
गांव में पुलिसबल तैनात रहा, फिर भी हो गई हत्या
रठौड़ा में हुई हत्या की तीन घटनाओं में छपरौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहा है। बताया कि अमित उपाध्याय की हत्या के बाद गांव में पुलिसबल तैनात कर दिया गया, लेकिन पुलिस घटनाएं नहीं रोक सकी। भारी पुलिसबल तैनात होने के बाद रामफल के घर में घुसकर हमला कर दिया गया। इसके बाद रात में जंगल में मनीष उर्फ मोनू की हत्या कर दी गई।
तीन घरों की दुल्हैंडी पर लगा ग्रहण
रठौड़ा में होली के दिन हुई हत्या की तीन घटनाओं ने उनके घरों पर होली पर्व पर विराम लगा दिया, इससे ग्रामीण भी सकते में है। ग्रामीणों ने बताया कि होली पर्व के दिन हुई हत्याओं के बाद उनके परिवार वाले शायद ही कभी होली पर्व मनाएंगे।
कई साल जेल में बंद रहा मनीष
मलकपुर गांव में हुई हत्या के मुकदमे में मनीष उर्फ मोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बताया कि हत्या के मुकदमे में मनीष आठ-नौ साल जेल में बंद रहा, जो एक साल पहले ही बाहर आया था।
होली के दिन शराब पीने के बाद ही तीनों हत्या की घटनाएं हुई है। क्योंकि सभी घटनाओं में आरोपी शराब के नशे में बताए गए है। गिरफ्तार किए गए हत्यारोपियों ने पूछताछ में शराब पीने की बात कही है।- विजय कुमार तोमर, सीओ बड़ौत
रठौड़ा में हेड कांस्टेबल की मां सहित तीन की हत्या
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के छपरौली के रठौड़ा गांव में होली पर हुए विवादों में एक के बाद एक तीन लोगों की हत्या कर दी गई। पहले गांव निवासी युवक अमित उपाध्याय (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो घंटे बाद यूपी पुलिस की हेड कांस्टेबल प्रिया की माता बिमलेश और पिता पर हमला किया गया। इसमें बिमलेश की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। इस हमले में आरोपी मनीष उर्फ मोनू (35) का भी दो गोली शव शनिवार सुबह खेत में पड़ा मिला। रठौड़ा के ललित उपाध्याय ने बताया कि उसका भाई अमित पानीपत में नौकरी करता था। वह होली पर परिवार के साथ गांव आया था।
शुक्रवार सुबह गांव की परिक्रमा शुरू होने से पहले अमित का गांव के ही सागर से झगड़ा हो गया। गांव के लोगों ने बीच-बचाव करा दिया। ललित ने बताया कि दोपहर दो बजे सागर, अपने भाई अक्षय और वंश के साथ उनके घर पहुंचा और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अक्षय ने अमित की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने उसके भाई गुलबीर की पिटाई करते हुए गली में दौड़ाया और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इसमें अक्षय, सागर और वंश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
बिमलेश की अस्पताल में मौत
इसके दो घंटे बाद रठौड़ा में ही दूसरा झगड़ा हुआ। यूपी पुलिस की हेड कांस्टेबल प्रिया के घर के बाहर मनीष उर्फ मोनू उर्फ कटड़ा दोस्तों नितिन व परविंद्र के साथ खड़ा होकर गाली-गलौज कर रहा था। प्रिया की मां बिमलेश और पिता रामफल ने टोका तो आरोपियों ने दोनों पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। बिमलेश की शनिवार को दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। रामफल का दिल्ली जीटीबी में उपचार चल रहा है। इस घटना में मनीष उर्फ मोनू, नितिन व परविंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
अमित और मनीष की हत्या में शामिल आरोपी भाई सागर और अक्षय गिरफ्तार
बिमलेश की हत्या में आरोपी मनीष उर्फ मोनू का दो गोली लगा शव शनिवार सुबह गांव में मलखी के खेत में मिला। मनीष के पिता जितेंद्र ने कहा कि मनीष को शुक्रवार शाम गांव के ही सागर, अक्षय, बादल, नितिन, प्रवेंद्र के साथ खेतों की तरफ जाते हुए देखा गया था। आरोप है कि सभी ने मिलकर मनीष की शुक्रवार रात हत्या कर दी। पुलिस ने पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने अमित और मनीष की हत्या में शामिल आरोपी भाइयों सागर व अक्षय को गिरफ्तार कर लिया।
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