छपरौली। शबगा गांव की कुटिया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में दंडी स्वामी प्रेम नारायण आश्रम ने वानर सेना द्वारा लंका में जाने के लिए समुंद्र में पुल बनाने की लीला का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम ने समुंद्र तट पर पहुंचकर समुंद्र देव से प्रार्थना करते हुए समुद्र पार करने के लिए रास्ता मांगा। मगर रास्ता देने से मना करते हुए कहा कि यदि वह समुंदर में श्री राम के नाम से लिखा हुआ पत्थर डालेंगे वह डूबेगा नहीं। फिर वहां पुल बन जाएगा। वानर सेना ने पत्थर डाला तो वह डूबा नहीं हुआ और फिर उन्होंने पुल बनाना शुरू कर दिया। कथा में रामपाल, बबीता, ओमवीर, बिट्टू, जसवीर, बलराम, शेखर आदि मौजूद रहे।