बागपत। जिले में कांवड़ियों के लिए जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी पर 150 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं ताकि उनको किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा चिकित्सकों को रिजर्व में रखा गया है और सभी मार्गों पर चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी की ड्यूटी लगाई गई।
सावन माह शुरू हो चुका है और पुरा महादेव मंदिर में 21 जुलाई से 24 जुलाई तक चार दिवसीय श्रावणी मेला लगेगा। कांवड़िए हरिद्वार व गोमुख से कांवड़ लेकर आने शुरू हो गए हैं। कांवड़ियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। चिकित्सकों के साथ पैरा मेडिकल स्टाफ को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में आठ बेड तो जनरल वार्ड में 12 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। पुरा महादेव पीएचसी पर 30 बेड की व्यवस्था की गई है। इनके साथ ही जिलेभर में 150 वार्ड आरक्षित किए हैं ताकि कांवड़ियों के उपचार में किसी भी तरह की परेशानी न हो। कांवड़ के नोडल अधिकारी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि मेले की तैयारी हो चुकी है और चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ को जिम्मेदारी सौंप दी गई है ताकि कांवड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
318 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी, 40 रिजर्व में रखे
जिले में 32 चिकित्सकों सहित 318 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। इन सभी को कांवड़ मार्गों, सीएचसी व पीएचसी पर जिम्मेदारी गई है। 24 घंटे चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। वहीं 40 चिकित्सकों सहित पैरा मेडिकल स्टाफ को रिजर्व में रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें केंद्रों पर भेजा जा सके।
21 अस्थायी केंद्र भी बनाए
स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा 21 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। इनमें डौला, बागपत, पुरा महादेव, बड़ौत, खेकड़ा, बिनौली आदि स्थानों पर यह केंद्र बने हैं। यहां पैरा मेडिकल स्टाफ को जिम्मेदारी दी गई है।
12 एंबुलेंस भी लगाईं
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कांवड़ियों की सुविधा के लिए 12 एंबुलेंस लगाई हैं। 30 से अधिक मोबाइल एंबुलेंस तैनात की हैं। यह कांवड़ मार्गों पर खड़ी होगी ताकि कांवड़ियों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा सके।