बागपत। झारखंड के रांची के धुरवी स्थित ट्रेनिंग सेंटर में सीआरपीएफ के एसआई रमेश कुमार निवासी इंद्रा कॉलोनी गौरीपुर जवाहरनगर का गोली लगा शव बैरक के बाथरूम में मिला। उनका शव सोमवार को यहां लाया गया और सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच कराए जाने की मांग की।
गौरीपुर जवाहरनगर गांव की इंद्रा कॉलोनी के रहने वाले ब्रह्मपाल सीआरपीएफ में हवलदार हैं और उनकी तैनाती गुवाहाटी में है। उनका दूसरे नंबर का बेटा रमेश कुमार (26) वर्ष 2021 में बीएसएफ में भर्ती हुए। इसके बाद इस्तीफा देकर वर्ष 2024 में सीआरपीएफ में एसआई पद पर भर्ती हो गए। परिजनों ने बताया कि रमेश कुमार का पहले चरण का प्रशिक्षण ग्वालियर में हुआ और उनको तकनीकी प्रशिक्षण के लिए बिहार के रांची में धुरवी स्थित सेंटर पर भेजा गया।
उनके पिता ब्रह्मपाल ने बताया कि वहां पर 25 सितंबर को पासिंग आउट परेड में रमेश कुमार को कंधों पर स्टार भी लगाए गए। बताया कि 26 सितंबर की रात करीब पौने तीन बजे ड्यूटी से अपने साथी के साथ बैरक में आ गए। इसके बाद चार बजे बाथरूम में गोली लगा शव पड़ा हुआ मिला। सीआरपीएफ के अधिकारियों ने फोन कर रमेश कुमार के राइफल से गोली मारकर आत्महत्या करने की जानकारी परिजनों को दी। इसका पता चलने पर परिवार वाले रांची पहुंच गए। ब्रह्मपाल का कहना है कि उनके बेटे रमेश ने आत्महत्या नहीं की। उन्होंने एसआई रमेश की हत्या की आशंका जताई और अफसरों से गंभीरता से जांच कराकर सत्यता का पता लगाने की मांग की।
- परेड के बाद खुश थे रमेश, वीडियो कॉल पर बात भी की
सीआरपीएफ के हवलदार ब्रह्मपाल ने बताया कि रमेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। रमेश काफी होनहार थे, जिन्होंने बीएसएफ में हवलदार पद पर भर्ती होने के बाद सीआरपीएफ में एसआई बनने के लिए कड़ी मेहनत की। पासिंग आउट परेड होने के बाद वह काफी खुश थे। उन्होंने परिवार वालों से फोन और वीडियो कॉल पर बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि रमेश अविवाहित थे और परेशान होने जैसी कभी बात भी सामने नहीं आई।