रटौल गांव में आम के पेड़ आया मोल
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चांदीनगर(बागपत)। देश-विदेश में रटौल गांव को अपनी मिठास से मशहूर करने वाली आम की खेती पर कोरोना असर दिखने लगा है। लॉकडाउन ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बागों में कीटनाशक का छिड़काव नहीं हुआ है, जिससे मोल खराब होने का खतरा रहता है और फसल प्रभावित हो जाती है। अगर शीघ्र ही बागों में कीटनाशक का छिड़काव नहीं हुआ तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बागवान आने वाली आम का फसल को लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि अगर जल्दी ही फसल की देखभाल नहीं हुई तो फसल खराब हो जाएगी।
क्या कहते हैं बागवान
- पूर्व सिंचाई मंत्री व रालोद के राष्ट्रीय महासचिव बागवान डॉ. मेराजुद्दीन का कहना है कि पेड़ पर मोल आने से पूर्व व आने के बाद पेड़ों पर कीटनाशक का छिड़काव करना जरूरी होता है। छिड़काव न होने के कारण पेड़ों पर कीट लग जाते है और मोल सूखकर गिर जाता है। जल्दी छिड़काव न होने पर फसल खराब हो जाएगी।
- बागवान नीटू सिंह का कहते है कि फसल की धुलाई का कीटनाशक दिल्ली से लाते हैं। लॉकडाउन होने के कारण फसल की धुलाई नहीं हो पाई है। फसल का नुकसान होने की आशंका है।
- कादिर का कहना है कि कीटनाशक का छिड़काव न होने से पेड़ों में कीड़े लगने शुरू हो गए हैं। शीघ्र छिड़काव नहीं हुआ तो, फसल को काफी नुकसान हो सकता है।
- ईजाजुल का कहना है कि कीटनाशन का छिड़काव न होने के कारण मोल खराब हो जाता है और पेड़ पर पूरा फल नहीं आ पाता है।