खेकड़ा चेयरपर्सन नीलम धामा के देवर पुष्पेंद्र धामा और उनके साथी बाशिद की गोलियों से भूनकर की गई हत्या के मामले में चार माह बाद पुलिस की जांच में शूटर सामने आ गए हैं। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह करनावल के शार्प शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। हालांकि उनको पकड़ने में पुलिस को अभी कामयाबी नहीं मिली है। खेकड़ा कस्बा निवासी पुष्पेंद्र धामा अपने दोस्त बाशिद के साथ बाइक पर सवार होकर 19 फरवरी की रात करीब पौने आठ बजे कस्बा की पांडव पुलिया के पास से गुजर रहे थे। तभी उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी।
मृतक पुष्पेंद्र के भाई डाक्टर सुरेंद्र सिंह ने कस्बे के ही आरोपी कर्मवीर, सहदेव, जयवीर, रोहताश, रामकुमार, रोहन और प्रवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दो लोग और वारदात में शामिल दर्शाए गए थे। पुलिस की जांच में पता चला था कि घटना को शूटरों ने अंजाम दिया है। लेकिन, शूटरों का पता नहीं चल पा रहा था। चार माह बाद पुलिस को अहम जानकारी मिली। केस के नामजद आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि अभी तक की जांच में पता चला है कि पुष्पेंद्र और बाशिद की हत्या जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह करनावल के शार्प शूटरों ने की है। उनको पकड़ने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।