सेना और रेलवे में नौकरी लगने के नाम पर मेरठ की एक दंपति ने लाखों रुपये ठग लिए। इसके बाद यहां से रफू चक्कर हो गए। पता चलने पर आरोपियों के खिलाफ दोघट थाने में मुकदमा दर्ज कराया ।
मेरठ का एक युवक अपनी पत्नी के साथ कस्बा दोघट में किराये के मकान पर रहता था। उसने खुद को रेलवे में अफसर बता रखा था। अपनी तैनाती लुधियाना में बताई थी। उसने क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक लड़कों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया था। उसने लाखों रुपये हड़प लिए थे। किसी की नौकरी नहीं लगी। खुलासा होने के डर से वहां से रफू चक्कर हो गए।
दोघट कस्बा निवासी रामकुमार का आरोप है कि उसके साले की नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपये कई माह पूर्व लिए, न ही नौकरी लगवाई और न ही रुपये लौटाए। उसकी तहरीर पर आरोपी बिरजू उर्फ संजीव मलिक और उसकी पत्नी सुनीता मलिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दोघट थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा इस मामले में जानकारी मिली की आरोपी बिरजू मेरठ के गंगानगर क्षेत्र का है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी
बागपत (ब्यूरो)। सैड़भर गांव के आदेश ने कहा सहारनपुर निवासी उनके एक रिश्तेदार ने उनके भाई अमित की लखनऊ सचिवालय में नौकरी लगवाने के नाम पर चार साल पूर्व एक लाख रुपये लिए थे। न नौकरी लगी और न ही रुपये लौटाए। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की है।
परिचालक का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया
बागपत (ब्यूरो)। निवाड़ा गांव के युवक का कहना है कि पुराना कस्बा के युवक ने डीटीसी में नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये दो साल पहले लिए थे। उसको फर्जी नियुक्त पत्र भी दे दिया था। जब वह दिल्ली डिपो में पहुंचा तो उसको फर्जीवाड़े का पता चला। रुपये मांगने पर आरोपी उसको धमकी देता है। उसने निवाड़ा चौकी पुलिस से शिकायत की है।