बागपत । पश्चिमी उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने शुक्रवार रात राजस्थान के उदयपुर जिले से 50 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया। वह दोहरे हत्याकांड के आरोप में तीन साल से फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास के दो दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। अपराध की दुनिया में वर्चस्व बनाने के लिए आरोपी ने एक लाख के ईनामी बदमाश प्रमोद गंजा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
एसटीएफ सीओ राजकुमार मिश्र ने बताया कि 13 नवंबर 2013 को छपरौली गांव में दिन दहाड़े पुलिस सुरक्षा के बीच दो गवाहों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश की एसटीएफ टीम सहित कई टीमें आरोपियों की तलाश में थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शुक्रवार रात को नोएडा यूनिट की एक टीम ने राजस्थान के उदयपुर जिले से एक आरोपी को दबोच लिया। उसकी पहचान तुगाना छपरौली बागपत निवासी परमवीर तुगाना के रूप में हुई है। उसके पास से अंग्रेजी पिस्टल और दो कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस पूछताछ में पता लगा कि बदमाश परमवीर बड़ौत में हुए दोहरे हत्याकांड का आरोपी है। इसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। परमवीर ने बताया कि प्रमोद गंजा गिरोह के सदस्य अजीत हप्पू के साथ मिलकर उसने बड़ौत में दोहरे हत्याकांड की घटना को अंजाम दिया था।
हत्या के कुछ दिन तक प्रमोद गंजा के साथ सब कुछ ठीक रहा। अचानक इन दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई। इसके बाद अजित हप्पू व परमवीर तुगाना ने साजिश रचकर गिरोह के सरगना और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश प्रमोद गंजा की गोली मारकर हत्या कर दी। कुख्यात बदमाश परमवीर पर पश्चिमी यूपी के तमाम थानों में हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी मांगने जैसे 22 मुकदमे दर्ज हैं।
प्रॉपर्टी डीलर से बना अपराधी
परमवीर तुगाना वर्ष 2000 में 12वीं की परीक्षा देकर दिल्ली आ गया था। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। वह दिल्ली में रहकर प्रापर्टी डीलर का काम करने लगा। इसी बीच उसकी मुलाकात मेरठ निवासी नीटू के साथ हुई। नीटू ने उसकी मुलाकात अपराध की दुनिया में रहने वाले करनावल निवासी उधम सिंह से कराई। दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। दोनों मिलकर घटना को अंजाम देने लगे। घर पर आने-जाने के दौरान उधम सिंह की भांजी से परमवीर तुगाना को प्यार हो गया और वह उसे लेकर फरार हो गया। इसके बाद उधम सिंह ने अपनी भांजी की तलाश कर हत्या कर दी और हत्या का केस परमवीर तुगाना के खिलाफ दर्ज करा दिया। इसके बाद दोनों में रंजिश हो गई। परमवीर तुगाना अपने आप को बचाने के लिए प्रमोद गंजा गैंग में शमिल हो गया।
सपा का नेता रहा चुका है परमवीर
बागपत। परमवीर तुगाना अपराध ही नहीं करता था, बल्कि उसे नेता बनने का भी शौक है। वह सपा में रह चुका है। उसकी माता बीरमति छपरौली ब्लाक की ब्लाक प्रमुख रह चुकी है।
चार राज्यों में है परमवीर का नेटवर्क
अपराध की दुनियां का बादशाह कहे जाने वाला परमवीर अकेले बागपत में ही अपराध नहीं करता था। उसका नेटवर्क यूपी, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान समेत कई राज्यों में है।
देखती रह गई बागपत पुलिस
बागपत पुलिस को परमवीर तुगाना की राजस्थान में होने की लगातार जानकारी मिल रही थी। पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई बार राजस्थान गई, लेकिन पुलिस उसके ठिकानों का सहीं पता नहीं लगा पाई। नतीजा यह हुआ है कि बागपत पुलिस देखती रह गई और नोएडा एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
...सेटिंग से तो नहीं पकड़ा गया परमवीर
परमवीर तुगाना की गिरफ्तारी को लेकर जनपद में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है परमवीर तुगाना पुलिस से मिलकर पकड़ा गया है।
साथियों के पकड़े जाते ही परमवीर की कमर टूटी
बागपत। दो साल से पुलिस की नाक में दम कर देने वाले हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना को अपने साथियों का किस तरह से संरक्षण प्राप्त था। इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हो। एक के बाद एक साथी के पकड़े जाने से परमवीर की कमर टूट गई। नतीजा यह हुआ कि परमवीर का किला ढह गया और परमवीर पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
पुलिस को जानकारी मिल रही है हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना और अजीत उर्फ हप्पू एक साथ रह रहे हैं। वे कई बार क्षेत्र में भी एक साथ ही देखे गए थे। पुलिस अफसरों ने उन तक पहुंचने के लिए उनके साथियों और शरण देने वालों को पकड़ने का प्लान तैयार किया।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने 24 जून को बालेंद्र भौरा कलां को गिरफ्तार किया।
बागपत पुलिस ने दो जुलाई को अजीत उर्फ हप्पू के राइटहेंड माने जाने वाले 15 हजार रुपये के इनामी प्रवेश उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को उन्होंने परमवीर और हप्पू की जानकारी दी। छह जुलाई को पुलिस ने प्रवेश के भाई 15 हजार रुपये के इनामी रवि को पकड़ा। उसने भी परमवीर और हप्पू ठिकानें बताए। तभी से ही पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी। शनिवार को नोएडा एसटीएफ को परमवीर को पकड़ने में कामयाबी मिल गई।
14 साल में 25 केस, सात कत्ल
बागपत। वेस्ट यूपी का मोस्टवांटेड 50 हजार रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना आखिरकार राजस्थान के उदयपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। पुलिस रिकार्ड में उसके खिलाफ 25 मुकदमे दर्ज हैं, इनमें सात हत्या के हैं। ट्यौढ़ी गांव में तो उसने दो साल पूर्व दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। कई वारदातों में बार-बार उसका नाम सामने आया है।
तुगाना गांव का रहने वाले परमवीर उर्फ परमेंद्र (38) पुत्र ओमकार सिंह ने वर्ष 2002 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। छपरौली थाने में उसके खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2007 में मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अलग-अलग दो हत्या की। वर्ष 2014 में तो उनसे चार लोगों को मौत के घाट उतारा। 12 अगस्त 2014 को परमवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ौत तहसील के सब रजिस्ट्रार राम किशोर और उनके पड़ोसी राजवीर की उनके आवास पर हत्या की। इसी तरह उसने गांगनौली गांव के किसान राजेंद्र के बेटे पप्पू को गोलियों से भूना।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक उसके खिलाफ सात हत्या, पांच जानलेवा हमले, एक अपहरण समेत 25 मुकदमें दर्ज हैं। कई घटनाएं तो ऐसी हैं जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज भी नहीं हुई। परमवीर ने 15 दिन पहले ही सब रजिस्ट्रार रामकिशोर के बेटे सुगम किशोर पर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जानलेवा हमला किया। वे गोली लगने से बाल-बाल बच गए थे।
चट्टान की हत्या करना प्रमोद को पड़ा महंगा
बागपत । हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना ने पुलिस के सामने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस का दावा है पूछताछ में परमवीर ने बताया आदित्य उर्फ चट्टान की प्रमोद गांगनौली ने हत्या की थी। उसे शक था कि जिस मुठभेड़ में प्रवीन उर्फ भगत मारा गया है, उसकी मुखबिरी चट्टान ने की थी। हप्पू को चट्टान की हत्या का दुख था। इस कारण उसने और हप्पू ने मिलकर प्रमोद की हत्या की।
नोएडा क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अनिल कपरवान के मुताबिक परमवीर तुगाना ने पूछताछ में बताया उसने ही अजीत उर्फ हप्पू के साथ मिलकर एक लाख रुपये के इनामी प्रमोद गांगनौली की हत्या की थी। चट्टान, प्रमोद और हप्पू साथी थे। डेढ़ साल पूर्व गांगनौली गांव में जंगल में पुलिस मुठभेड़ में प्रमोद का साथी पांच हजार रुपये का इनामी प्रवीन उर्फ भगत मारा गया था और प्रमोद का भाई रवि गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
प्रमोद को शक था चट्टान ने मुखबिर की है। इसलिए पुलिस ने उन पर अटैक किया है। इसी शक में प्रमोद ने चट्टान की हत्या कर दी थी। जो उन्हें पसंद नहीं थी। उन्हें टेंशन हो गई थी कि किसी दिन प्रमोद उनकी भी हत्या कर देगा। कपरवान ने बताया परमवीर और हप्पू ने उसे ठिकाने लगाने का प्लान बनाया और लूंब गंाव के खेत में ट्यूबवेल पर नहाते समय उसे मौत के घाट उतार दिया।