बड़ौत तहसील में तलाक से पीड़ित महिला को लेकर आए परिजन।
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ईदरीशपुर गांव में एक महिला को एक लाख की दहेज की मांग पूरी न होने पर बंधक बनाकर जान से मारने की कोशिश की। मंगलवार की रात में पति तलाक देकर शबगा गांव के पास छोड़ गए। महिला परिजनों के साथ तहसील पहुंची और एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
आबिदा पुत्र कमालूदीन शबगा गांव की रहने वाली है। उसका निकाह 2005 में ईदरीशपुर गांव के इरफान से हुआ था। निकाह के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर आए दिन उसको प्रताड़ित करते थे।
कुछ दिन पहले आबिदा के घरवालों ने जमीन बेचकर ढाई लाख रुपये भी उन्हें दिया, लेकिन हाल में वे फिर डेढ़ लाख रुपये की मांग करने लगे। मंगलवार की रात में मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने घर में बंद कर मारपीट की और जान से मारने की कोशिश की।
दो बच्चों (समीर व भूरा) को अपने पास रख लिया और उसे शबगा गांव के पास फेंककर भाग गए। इससे पूर्व उसके पति ने उसे तीन बार तलाक तलाक तलाक भी कह डाला। किसी तरह वह अपने मायके पहुंची और उन्हें घटनाक्रम की जानकारी दी।
आबिदा परिजनों के साथ बुधवार को तहसील में पहुंची और एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।। एसडीएम ने बड़ौत कोतवाली पुलिस को मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा इस मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
बयान दर्ज किए
बड़ौत। औसिक्का गांव में महिला को तलाक देने के मामले में बुधवार को महिला को कोतवाली बुलाकर बयान दर्ज किए और कहा उसके पति को भी पकड़ने के लिए पुलिस को भेजा, लेकिन अभी वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। कोतवाली प्रभारी ने बताया इस मामले में भी जांच शुरू कर दी।