जिला अस्पताल में मंगलवार को फर्जी चिकित्सक के पकड़े जाने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। फर्जी चिकित्सक अस्पताल की पर्ची पर खुद ही दवाई लिखकर काउंटर पर लेने पहुंच गया। अस्पताल कर्मियों ने पर्ची पर हैंडराइटिंग अलग होने पर उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
जिला अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे एक किशोर (14) अस्पताल की पर्ची पर दवाई लेने के लिए पहुंचा। उस पर्ची पर अस्पताल के चिकित्सक की हैंडराइटिंग नहीं थी। दवाई देने वाले फार्मासिस्ट ने शक होने पर किशोर को पकड़ लिया।
पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने खुद ही पर्ची पर दवाई लिखी है। वह लधवाड़ी गांव का निवासी है। आरोपी दसवीं पास है। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। बाद में कर्मचारी उसे कोतवाली लेकर पहुंचे और पुलिस को सौंप दिया।
सीएमएस बीएल कुशवाह के मुताबिक किशोर खुद ही पर्ची पर दवाई लिखकर दवाई ले रहा था। चिकित्सक की हैंडराइटिंग न होने पर आरोपी पकड़ा गया है। आरोपी को पुलिस को सौंप दिया गया है। उधर, कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव ने कहा कि इस मामले में अस्पताल से किसी ने तहरीर नहीं दी। स्टाफ ने कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया।
ज्यादा दवाई लेने का था इरादा
बागपत। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि उसका मकसद ज्यादा दवाई लेने का था। इसलिए उसने ऐसा किया था। उसने पहले ऐसा कभी नहीं किया है।
अस्पताल में रैकेट तो नहीं चल रहा
बागपत। अस्पताल से मंगलवार को पर्ची गायब हो गई थी। कर्मचारियों ने उन्हें काफी तलाश किया था, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग पर्ची गायब करके अस्पताल से दवाई ले रहे हैं। बाद में उन्हें बाहर सप्लाई कर रहे हैं। हालांकि सीएमएस ने पर्ची गायब होने की जानकारी से इंकार किया है।