दत्तनगर गांव के कमेटी संचालक सुजान सिंह (70) की लाश शनिवार सुबह मकान में चारपाई पर पड़ी मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। उनके गले पर निशान बने थे और मुंह और कान से खून निकल रहा था। परिजनों का कहना है कि मकान से लाखों रुपये गायब है। आशंका जताई कि लूट के विरोध पर ही उसकी हत्या की गई है। हालांकि पुलिस लूट होने से इंकार कर रही है।
सुजान सिंह के बेटे दलीप कुमार का कहना है कि उनके पिता गांव के पैतृक मकान में रहते थे। वह दिल्ली में एक प्राईवेट कंपनी में नौकरी करता है। नेहरू विहार कालोनी में अपने बच्चों के साथ रहता है। तीन दिन पूर्व उसके पिता, उनके पास से गांव लौटे थे। शनिवार सुबह गांव के मंगूराम ने फोन पर जानकारी दी कि उनके पिता की मौत हो गई है। वह घर पर पहुंचा तो उसके पिता मकान में कमरे के अंदर चारपाई पर मृत अवस्था में मिले।
उनके गले पर निशान बने हुए थे। मुंह और कानों से खून निकल रहा था। मकान में सामान बिखरा पड़ा था। उनका कहना है कि मकान से कमेटी के लाखों रुपये गायब है। जो शुक्रवार को उनके पिता ने कमेटी के सदस्यों से इकट्ठे किए थे। उसका कहना है कि उसके पिता की गला दबाकर हत्या की गई है।
आशंका है कि बदमाशों ने लूट का विरोध करने पर उन्हें मारा है। उधर घटना का पता चलते ही पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ श्वेतांभर पांडेय का कहना है कि सुजान सिंह की मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा। लूट के बारे में उनके सामने किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। न ही घटनास्थल से लूट प्रतीत हो रही है। मामले की जांच की जा रही है।
एक साल पूर्व हुई थी चोरी
बागपत। दलीप कुमार का कहना है कि उनके मकान में करीब एक साल पूर्व भी हजारों रुपये की चोरी हुई थी। चोरों का अभी तक पता नहीं चला है।
बेटी से की थी फोन पर बात
बागपत। सुजान सिंह, राजमिस्त्री का कार्य करते थे। उनके एक बेटा और दो बेटी है। तीनों बच्चे शादीशुदा है। पुलिस का कहना है कि रात करीब नौ बजे उन्होंने अपनी एक बेटी से फोन पर बात की थी। सीओ का कहना है कि मृतक के मोबाइल को सर्विलांस पर लेकर जांच की जा रही है।