छपरौली ब्लाक प्रमुख नीशा देवी
- फोटो : amar ujala
बागपत। छपरौली ब्लाक प्रमुख नीशा देवी का एक बार फिर पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। जिलास्तरीय कमेटी ने बड़ौत तहसीलदार को इस प्रमाण पत्र को निरस्त करने के निर्देश दे दिए हैं। इससे पहले भी यह प्रमाणपत्र फर्जी पाया जा चुका है।
ब्लाक प्रमुख नीशा देवी ने खुद को बालैनी क्षेत्र के रोशनगढ़ गांव के मास्टर सत्यवीर सिंह की गोद ली गई बेटी दर्शाकर अन्य पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र बनवाया था। इसका इस्तेमाल ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पाने के लिए किया गया था। हलालपुर गांव के ब्रजपाल ने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने बताया था कि नीशा देहरादून के अवतार सिंह की बेटी हैं और सामान्य जाति से हैं। अफसरों से शिकायत करने पर जिलास्तीय कमेटी ने जांच की, तो मामला सहीं पाया गया था। अधिकारियों ने उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने के निर्देश दे दिए थे। नीशा पक्ष ने मेरठ कमिश्नर से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर दोबारा जिला स्तरीय कमेटी ने जांच की। कमेटी के सदस्य डीएम ह्दय शंकर तिवारी, सीडीओ हाकिम सिंह, एसडीएम बड़ौत दीपाली कौशिक और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शशी वार्ष्णेय ने जांच करने के बाद उनके जाति प्रमाण पत्र को फर्जी पाया। माना गया कि नीशा, सत्यवीर सिंह की पुत्री नहीं है। उनके द्वारा तथ्यों को छिपाकर गलत तरीके से अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए जाट जाति का प्रमाण पत्र निर्गत कराया गया है। बड़ौत तहसीलदार को जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़ौत कोतवाली में दर्ज हैं ब्लाक प्रमुख पर मुकदमा
बागपत। इस मामले में बड़ौत कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर ब्लाक प्रमुख नीशा समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। क्राइम ब्रांच केस की विवेचना कर रही है।