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मेरठ में तोड़फोड़, बागपत में थमे बसों के पहिए

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बागपत/बड़ौत। मेरठ में बाईपास पर बसों में तोड़फोड़ किए जाने की जानकारी मिलते ही बागपत और बड़ौत में बसों के पहिए थम गए। बीच राह में जो बसें थी, वह वापस लौट आई। इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। हिंसा में फंसे लोगों के परिजनों भी परेशान घूमते रहे। डग्गामार वाहन भी बंद रहे। बड़ौत और बागपत में यात्री परेशान घूमते रहे।
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मेरठ से बड़ौत और बागपत तक भैंसाली डिपो की बसें चलती हैं। सोमवार सुबह मेरठ में बाईपास पर बड़ौत और बागपत आ रही बसों में तोड़फोड़ कर दी। इसमें चालक-परिचालक और यात्री भी घायल हो गए। उधर, जैसे ही आगजनी और हिंसा की खबरें वायरल हुई तो बसों के पहिए बीच रास्ते में ही थाम दिए गए। उधर, बड़ौत से मेरठ जाने वाले यात्री मेरठ जाने के लिए बिनौली बस स्टैंड पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते रहे। बस सेवा बाधित होने से उन्हें वापस लौटना पड़ा। निजी वाहनों का संचालन भी रोक दिया।

रेलवे स्टेशनों पर चलाया चेकिंग अभियान
बड़ौत/अग्रवाल मंडी टटीरी। विरोध प्रदर्शन के चलते रेलवे स्टेशन पर जीआरपी इंस्पेक्टर किरण और एसएसआई सुखपाल सिंह के साथ स्थानीय पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया। बागपत रोड स्टेशन पर भी चेकिंग अभियान चलाया।
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कई स्कूलों की छुट्टी, स्कूल पहुंच गए अभिभावक
बागपत। नए शैक्षिक सत्र का पहला दिन। बच्चे चहकते हुए स्कूल पहुंचे थे, लेकिन इस बीच मेरठ मेें हिंसा भड़क उठी। अभिभावकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। बड़ौत और बागपत के कुछ स्कूलों ने तो सावधानी बरतते हुए छुट्टी कर दी। जिन स्कूलों की छुट्टी नहीं हुई, वहां पर अभिभावक ही अपने-अपने बच्चों को लिवाने पहुंच गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और वीडियो को देखकर अभिभावकों को चिंता हो रही थी कि कहीं बागपत में भी इसी तरह की हिंसा न भड़क जाए।

जाम में फंसी एंबुलेंस, बदलना पड़ा रास्ता
अमीनगर सराय। मेरठ रोड पर जाम के दौरान अमीनगर सराय मोड़ पर एंबुलेंस भी फंस गई। तड़पते मरीज का हवाला देकर तीमारदारों और एंबुलेंस संचालकों ने जाम लगा रहे लोगों से एंबुलेंस को निकल जाने के लिए कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। एंबुलेंस को देहात के रास्ते से निकालना पड़ा।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो
बागपत। सोशल मीडिया पर दिनभर मेरठ और मुजफ्फरनगर मेें भड़की हिंसा की तस्वीरें वायरल होती रही। इससे बागपत के लोगों में दिनभर दहशत का माहौल बना रहा।

कर्मचारी फंसे, बीएसए को भी रोका
बागपत। मेरठ बाईपास से होते हुए बागपत के लिए आ रहे बीएसए योगराज सिंह को सुबह नौ बजे प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। बीएसए ने बताया कि उनकी गाड़ी के सामने युवक आकर खड़े हो गए। इस बीच उन्होंने युवकों को समझाया कि वह बागपत जा रहे हैं और बेसिक शिक्षा अधिकारी है। कुछ युवकों ने हस्तक्षेप कर उन्हें निकलवा दिया। मेरठ से बागपत आने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी प्रदर्शनकारियों के बीच फंस गए। जो कर्मचारी बागपत तक पहुंच गए थे, वह देर शाम तक बागपत में ही डटे रहे। वह मेरठ के हालातों की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

दिनभर सताती रही अपनों की चिंता
बागपत। सुबह जैसे ही मेरठ में हिंसा की खबरें आनी शुरू हुई तो फोन घनघनाए जाने लगे। मेरठ गए लोगों के परिजनों या मेरठ में रह रहे परिवारों की कुशलक्षेम पूछी गई। घर में ही रहने का सुझाव दिया गया। व्हाट्स एप पर दिनभर मेरठ और मुजफ्फरनगर में हिंसा की जानकारी ली जाती रही।
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