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दो लाख की सुपारी देकर कराई नरेश पाल की हत्या

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बागपत। बिनौली थाना क्षेत्र के माल माजरा गांव में नरेश पाल की हत्या उसके ही सगे भाई ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर कराई । पुलिस ने भाई समेत दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। हत्या मेें प्रयुक्त रस्सी और फावड़ा बरामद किया । हत्याकांड में दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
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एएसपी अजय कुमार ने माल माजरा निवासी नरेश पाल हत्याकांड का खुलासा कर बताया कि सात मार्च को गांव के चौकीदार महबूब पुत्र रशीद निवासी जिवाना गुलियान ने सूचना दी नरेश पाल तीन माह से लापता है। इस सूचना पर बिनौली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज की। पुलिस जांच में प्रकाश में आया कि वह लापता नहीं हुआ, बल्कि उसका अपहरण हुआ है। इस पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा पंजीकृत किया । विवेचना में पता चला नरेश पाल की शादी नहीं हुई , उसके हिस्से में सात बीघा जमीन है और उसका छोटे भाई रमेश पाल से विवाद है। पुलिस ने नौ मार्च को माखर पुलिया के पास से मृतक के भाई रमेश पाल और राजू उर्फ राजीव को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने राजफाश किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि नरेश पाल अविवाहित था। उसके हिस्से में सात बीघा जमीन आती है। जमीन के चक्कर में अब से करीब तीन माह पहले भाई रमेश पाल ने अपने साथियों राजू उर्फ राजीव पुत्र सुरेंद्र, मनोज पुत्र सोमपाल, हरबीर पुत्र दास निवासी जिवाना गुलियान को दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई । उन्होंने उसके गले में रस्सी से फांसी का फंदा लगाकर हत्या कर शव ईख के खेत में गड्ढा खोदकर दबाया। आरोपियों की निशानदेही पर नरेश पाल का शव रमेश पाल के खेत में गड्ढे से बरामद किया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा।

शक होने पर ले ली भाई की जान
बागपत। नरेश पाल हत्याकांड के आरोपी भाई रमेश पाल ने बताया कि यदि मैं उसे न मारता तो वह मुझे मार देता। उसकी क्षेत्र के कद्दावर नेता के साथ रंजिश चल रही है। उसे शक हो गया था कि उक्त नेता ने उसकी हत्या कराने के लिए बड़े भाई को पांच लाख रुपये की सुपारी दी है। इसी शक में उसने उसकी हत्या कराई है। उसने भाई की हत्या करने के लिए अपने चार साथियों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। इनमें एक लाख रुपये एडवांस दिए और एक लाख रुपये बाद में देने की बात स्वीकारी।
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सिपाही का पिता है हत्यारोपी
बागपत। भाई के हत्यारोपी रमेश पाल का बेटा यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और हाल में वह बिजनौर जनपद में तैनात है बेटा भी अपने पिता से अलग ही रहता है और गांव में कभी-कभी ही आता है। बीवी-बच्चे भी उसी के साथ रहते हैं।
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