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ठेका कर्मचारी ने मकान के नाम पर ऐंठ लिए रुपये

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बागपत। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। नगरपालिका में कार्यरत ठेका कर्मचारी ने पालिका अधिकारियों और पालिकाध्यक्ष के नाम पर रुपये ऐंठ लिए। शिकायत पालिकाध्यक्ष तक पहुंची तो उन्होंने कर्मचारी को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। पीड़ितों ने पालिकाध्यक्ष से मुलाकात कर लिखित में शिकायत की थी। किश्त के हिसाब से आरोपी कर्मचारी ठगी कर रहा था।
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प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत बेघर लोगों को घर बनाने की योजना केंद्र सरकार की ओर से संचालित है। नगर पालिका बागपत के ठेका कर्मचारी पर रुपये ऐंठने का आरोप लगाया गया है। शहर निवासी चंद्रकांत ने पालिकाध्यक्ष से शिकायत करते हुए बताया कि फैजान नाम के कर्मचारी ने आवास के लाभार्थियों से उनके नाम से 15 हजार रुपये की ठगी की है। वह आए दिन 40-50 हजार रुपये की मांग करता है। आरोप लगाया कि कई लोगों से ठगी कर चुका है। उसने अन्य कई पीड़ितों के नाम भी बताए हैं।
पीड़ित ने पालिकाध्यक्ष से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। पालिकाध्यक्ष राजूद्दीन एडवोकेट ने बताया कि ठेकाकर्मी की शिकायत मिली थी। ठेकेदार को कर्मचारी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे डूडा विभाग और पालिका दोनों की छवि खराब हो रही है। वरिष्ठ लिपिक महेश शर्मा ने बताया कि पहले भी कई शिकायत सामने आई है। पालिकाध्यक्ष और ईओ को अवगत करा दिया गया है।
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मकान की दूसरी किस्त गलत खाते में डाली
अमीनगर सराय (बागपत)। डूडा विभाग की चूक से वृद्ध महिला 11 माह से खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। प्रथम किस्त से तो मकान का निर्माण शुरू कराया, लेकिन द्वितीय किस्त गलत खाते में चली गई। तब से मकान का कार्य रुका हुआ है। न तो उक्त व्यक्ति धनराशि देने को तैयार है और न विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है। तंग आकर अब महिला ने डूडा कार्यालय के बाहर आमरण-अनशन की चेतावनी दी है।
नगर पंचायत अमीनगर सराय कस्बा निवासी वृद्ध महिला सूरजमुखी पत्नी स्व. वेदीराम अपने कच्चे मकान में अपने पोते-पोतियों के साथ जिंदगी बसर कर रही थी। पिछले वर्ष वर्ष महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत आवेदन किया था, जिसमें उसका नंबर आ गया। दो जून 2018 को डूडा ने महिला के खाते में 50 हजार रुपये की पहली किस्त डाल दी, जिससे महिला ने कच्चे मकान को तुड़वाकर निर्माण शुरू कराया था। कई माह बीतने के बाद जब दूसरी किस्त नहीं पहुंची तो डूडा दफ्तर पहुंचकर इससे अवगत कराया। उसे बताया गया कि दूसरी किस्त डाल दी गई। जांच पड़ताल कराई तो यह द्वितीय 1.50 लाख रुपये की धनराशि दत्तनगर के किसी व्यक्ति के खाते में स्थानातंरित कर दी गई है। तब से अब तक 11 माह बीत गए है, लेकिन वृद्ध महिला ने कोई कार्रवाई नहीं है। वृद्ध महिला ने विभाग के अधिकारी से खाते से धनराशि वापस मंगाने की मांग की तो महिला से ही उक्त व्यक्ति से धनराशि लेने के लिए कहा। महिला ने अपने पोते के साथ दत्तनगर गांव पहुंचकर डेढ़ लाख रुपये मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। आरोप है कि विभाग के अधिकारी कोई सहयोग नहीं कर रहे है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर अन्य अधिकारियों को कर चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। वृद्ध महिला ने चेतावनी दी जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो डूडा कार्यालय के बाहर आमरन-अनशन पर बैठ जाएगी। सीडीओ पीसी जायसवाल ने कहा कि अगर उक्त व्यक्ति ने धनराशि देने से इंकार किया है तो खाते को फ्रीज करा देंगे। महिला को दूसरी किश्त जरूर लाई जाएगी।
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