धनौरा की पेयजल स्वच्छता समिति से वसूले जाएंगे 13 लाख
बागपत। धनौरा सिल्वरनगर में संचालित पाइप पेयजल योजना की डीडीओ हुब लाल ने जांच पूरी कर ली है। स्वच्छता समिति से 13 लाख रुपये वसूले जाएंगे। इस संबंध में डीएम और मंडलायुक्त को अपनी रिपोर्ट दें दी है। जांच में काफी खामियाें के साथ ही लाखों की हेराफेरी मिली थी।
धनौरा सिलवरनगर में संचालित पाइप पेयजल योजना में लापरवाही बरती गई है। लाखों रुपये का गोलमाल किया गया। जिसकी शिकायत ग्रामीण दिनेश और यशपाल ने डीएम भवानी सिंह खंगारौत से की। गड़बड़ी और धनराशि का दुपयोग करने का आरोप लगाया। जिसके बाद डीएम ने डीडीओ हुब लाल और अवर अभियंता जल निगम के अवर अभियंता हारूण को जांच के निर्देश दिए। डीडीओ हुब लाल ने बताया कि 10 अक्तूबर को गांव में पहुंचकर शिकायतकर्ताओं को साथ लेकर निर्माणाधीन योजना की जांच की थी।। परियोजना की लागत 32.62 लाख स्वीकृत है। इसके लिए पेयजल स्वच्छता समिति के साथ अनुबंध करते हुए दो किस्तों में करीब 26 लाख रुपये जारी हुए। जांच की तो बोरिंग में पी-ग्रेवल डाली जानी थी, नलकूप का विकास, पंपिंग प्लांट, क्षमता की जांच एवं स्ट्रेच चार्ट, राइजिंगमेन के कार्य नहीं किए गए। पंप हाउस का निर्माण 90 प्रतिशत पूर्ण मिला। पूर्व प्रधान के खेत में 110 एमएम व्यास के 240 मीटर के पीवीसी पाइप पड़े मिले, जिन पर कंपनी का कोई मार्का अंकित नहीं था। एक घेर में 33 मीटर आईएसआई मार्का के पाइप पड़े मिले थे। विद्युत संयोजन, जलाशय का कार्य, क्लोरीनेटर का कार्य नहीं कराए गए। स्वच्छता समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष की निर्माण में कोई रूचि नहीं ली गई, न ही तकनीकि सहयोग लिया गया। उपभोग प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया। इसमें करीब 13 लाख रुपये की हेराफेरी मिली। इसके चलते समिति से धनराशि वसूलने के लिए डीएम और मंडलायुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।