बड़ौत (बागपत)। सुल्तानपुर हटाना गांव में ओमवीर की हत्या उसी के पिता, चाचा और चचेरे भाई ने की थी। पुलिस ने पिता और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चाचा फरार है। साक्ष्य के आधार पर विवेचना के दौरान पुष्टि होने पर उन्हेें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
चार मार्च को राजपाल पुत्र रामधन निवासी सुल्तानपुर हटाना ने अपने बेटे ओमवीर की गुमशुदगी दर्ज कराई । उसका शव 12 मार्च को गांव के ही कुएं में मिला । इसके बाद ओमवीर के पिता राजपाल ने बिटूट पुत्र बलजोर, सतेंद्र पुत्र गजे सिंह, लाला पुत्र हरपाल, कर्मपाल पुत्र उलम सिंह निवासी सुल्तानपुर हटाना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने मामले की जांच की और साक्ष्य के आधार पर पाया कि ओमवीर के पिता पूर्व सैनिक राजपाल और चाचा रोहताश और चचेरे भाई सत्यवीर पुत्र रोशन ने ही उसकी हत्या की ।
कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि राजपाल बेटे से गाली-गलौच करता था और उसके चरित्र पर भी संदेह था। इसी को लेकर राजपाल, चाचा रोहताश और चचेरे भाई ने चादर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर शव को गांव के पास कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने राजपाल और सत्यवीर को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा, जबकि रोहताश को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने ओमवीर की हत्या में प्रयुक्त चादर भी बरामद की है।