बागपत। निरपुड़ा गांव में संपत्ति के विवाद में सौतेली मां को गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले आरोपी बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय प्रथम) शक्तिपुत्र तोमर ने फैसला सुनाया। आठ साल पहले हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनुज ढाका और सुभाष तोमर ने बताया कि निरपुड़ा गांव में 11 मार्च 2010 को घर में घुसकर बालेश देवी (50) की उसके सौतेले बेटे रविंद्र कुमार ने ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या की वजह परिवार में चल रहा घेर का विवाद था। सौतली मां के साथ रविंद्र का झगड़ा रहता था। मृतका के रिश्तेदार शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के पिंडौरा गांव निवासी राजकुमार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय प्रथम) शक्तिपुत्र तोमर की कोर्ट में हुई। मंगलवार को आरोपी रविंद्र कुमार को सौतेली मां की हत्या का दोषी माना गया। अदालत ने रविंद्र कुमार को उम्रकैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दफा 25 में तीन साल सजा और 2500 रुपये अर्थदंड सुनाया गया। आठ साल से आरोपी जेल में ही बंद है। फैसले के वक्त उसे बागपत जेल से कोर्ट लाया गया था।