बड़ौत (बागपत)।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बिजरौल रोड पर स्थित रेलवे क्रासिंग के नजदीक खुशी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से चल रही देसी घी बनाने की फैक्ट्री पर छापा लगाकर भारी मात्रा में नकली घी बनाने का सामान, रेपर आदि सील किए और नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।
सहायक खाद्य आयुक्त राम नरेश यादव, अभिहित अधिकारी पवन कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एमपी सिंह और सुरेंद्र कुमार ने बिजरौल रोड पर स्थिति रेलवे क्रासिंग के नजदीक खुशी ट्रेडिंग कंपनी में छापा माता तो वहां देसी घी बनता मिला। इस पर उन्होंने घी बनाने के उपकरण, सामग्री आदि को कब्जे में लेकर कमरों में डालकर सील लगा दी और देसी घी के नमूने भी लिए। इस दौरान करीब दो लाख रुपये कीमत का तैयार देसी घी समेत अन्य सामान मिला। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया छापे के दौरान कंपनी में वनस्पति, रिफाइंड, घी का सेंट आदि डालकर देसी घी बनता है। कंपनी के देसी घी के एक किलों के पैकेटों पर 280 एमआरपी अंकित है। जबकि दुकानदारों को यह एक किलो 85 रुपये में दिया जाता है। जबकि यह 70 रुपये में एक किलो तैयार होता है। दुकानदार इसे देसी घी के रूप में ग्राहकों को देते हैं। इसके खाने से स्वस्थ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। फैक्ट्री मालिक राजीव जैन नेहरू रोड़ बड़ौत का है। उसे हिदायत दी वे इस तरह का घी का निर्माण नहीं करेंगे। यदि पुन: किया तो कठोर कार्रवाई होगी। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया इस तरह के पदार्थ बनाने वालों की सभी फैक्ट्रियों को बंद कराया जाएगा और किसी भी हाल में इसकी बिक्री नहीं होनी दी जाएगी। इसके बाद अधिकारियों की टीम मीरापुर राजवाहे की पटरी पर घी बनाने वाली फैक्ट्री में पहुंची, लेकिन फैक्ट्री मालिक फैक्ट्री बंद करके भाग चुका था।