बड़ौत (बागपत)।
उत्तराखंड के देहरादून में किडनी रैकेट पकड़े जाने के मामले में डोईवाला पुलिस ने बड़ौत में कई स्थानों पर छापे मारे। पुलिस ने बिनौली रोड स्थित मोहन नगर में एक डॉक्टर के यहां भी दबिश दी, लेकिन वह पुलिस टीम के पहुंचने से पहली ही घर से भाग निकला। पुलिस टीम गांव वाजिदपुर से एंबुलेंस चालक को उठाकर अपने साथ ले गई।
चार दिन पहले देहरादून में लोगों को पैसे का लालच देकर किडनी निकालने का रैकेट पकड़े जाने पर स्थानीय मोहननगर निवासी डॉ. राजीव चौधरी का नाम प्रकाश में आया । देहरादून के थाना डोईवाला थाने पुलिस ने वहां के कुछ लोगों को हिरासत मेें लिया है। शुक्रवार की रात में थाना डोईवाला के एसएचओ आदिश गिरि के नेतृत्व में पुलिस टीम बड़ौत में पहुंची और वहां के मुनेश पाल सिंह और यहां की पुलिस को लेकर बिनौली रोड स्थित मोहननगर मेें डॉ. राजीव चौधरी के मकान में दबिश दी, लेकिन पुलिस पहुंचने से पहले ही वह भाग निकला। डोईवाला पुलिस ने बताया डॉ. राजीव चौधरी यहां के लोगों को चंगुल मेें लेकर टैक्सी या एंबुलेंस की मदद से देहरादून लेकर जाता था और उनकी किडनी निकाली जाती थी। पुलिस टीम ने गांव वाजिदपुर निवासी एंबुलेंस चालक प्रमोद उर्फ गूल्ल के घर में दबिश दी और पुलिस चालक को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। डोईवाला पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस से मदद मांग कर कहा डॉ. राजीव चौधरी को गिरफ्तार कर उन्हें सूचना कर दें।