बागपत। बड़ौत के विजया बैंक में चोरी के प्रयास के मामले में पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों ने मोटी रकम पाने के लालच में बैंक में चोरी करने की कोशिश की थी, लेकिन बैंक के स्ट्रांग रूम नहीं तोड़ पाए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बैंक से चोरी की गई डीवीआर की हार्ड डिस्क बरामद हुई है। मुख्य आरोपी कासिम को गिरफ्तार करने के प्रयास में पुलिस लगी है।
मंगलवार को एसपी जय प्रकाश ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 15 जनवरी की रात में बैंक में किए चोरी के प्रयास के मामले में बड़ौत पुलिस ने सोमवार की रात में चेकिंग के दौरान दो युवक सफुल्ला पुत्र साबिर और कादिर पुत्र जाबिर निवासी पठानकोट बड़ौत को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से बैंक में नकब लगाने के उपकरण के अलावा बैंक से चोरी की गई सीसीटीवी कैमरे के डीबीआर की हार्डडिक पास में ही नाले से बरामद हुई। आरोपियों ने अपने साथी कासिम उर्फ भूरा के साथ मिलकर बैंक में रुपये चोरी करने का प्लान बनाया था। इनका इरादा आर्थिक तंगी दूर करने के लिए मोटी रकम वसूल करना था। आरोपी बैंक में तो घुस गए थे, लेकिन स्ट्रांग रूम तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाए । आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ा और डीवीआर की हार्ड डिक्स निकालकर ले गए थे। एसपी ने कहा पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, उनको जेल भेजा।
भाई के पैर का ऑपरेशन कराने
को हैं रुपये की जरूरत
बागपत। सफी उल्ला का कहना उसका भाई इमदाद के पैर का आपरेशन होना है। इसके लिए उनको रुपये की जरूरत है, लेकिन कोई भी रुपये देने के लिए तैयार नहीं है। कासिम ने बैंक में चोरी करने पर दो लाख रुपये देने का वायदा किया था, इसलिए उसने ऐसा किया।
अपने जाल में खुद ही फंस गए आरोपी
बागपत। आरोपियों में से एक का बैंक में ही मोबाइल रह गया । जो पुलिस को मिल गया । पुलिस सर्विलांस के आधार पर आरोपियों तक पहुंच गई।