बागपत। बिनौली क्षेत्र के बड़ावद गांव में जमीन के विवाद में नौ साल पहले हुए जानलेवा हमले के केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सात आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई। इनमें एक महिला भी शामिल है। जबकि दूसरी आरोपी महिला की केस के विचारण के समय मौत हो गई।
बड़ावद गांव निवासी प्रवीण ने बिनौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो मई 2008 को वह सुबह करीब आठ बजे अपने परिजनों के साथ खेत पर पानी लगाने के लिए गया । तभी वहां पर गांव के ही मित्तर उर्फ मित्रसैन, लखमीरे, वेद उर्फ वेदू, बबलू, ओमकार, राज कुमार, महिला इमरती और अनारो ने उन पर जान से मारने की नियत से धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोपी तमंचे भी लिए हुए थे। इस हमले में वह स्वयं, उसके अलावा धर्मपाल, रेशमा, संतोष, हरवीर गंभीर रूप से घायल हो गए । आरोपियों का इरादा उनको जमीन से बेदखल कर करना था। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया । पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की । बाद में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसके सिंह और एडीजीसी चश्मवीर सिंह ने बताया केस अपर सत्र न्यायाधीश विशेष एससी/एसटी रमेश चंद की कोर्ट में विचाराधीन था। बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए लखमीरे, मित्तर उर्फ मित्रसेन, वेद उर्फ वेदू, बबलू, राजकुमार, ओमकार और इमरती देवी निवासी बड़ावद को केस का दोषी मानकर सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई। आरोपी महिला अनारो की केस की विचारण के समय में ही मौत हो गई है।