बड़ौत ( बागपत)।
बिनौली रोड से सटे कोमल बिहार में गृह क्लेश से तंग आकर सीआरपीएफ के जवान के बेटे ने लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पिस्टल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। दूसरी तरफ बड़ौत में छात्र का रात में ही पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए आधा दर्जन से अधिक युवकों ने हंगामा किया। इमरजेंसी में डॉक्टरों के साथ अभद्रता की गई। डॉक्टरों ने कागज पूरे करने और अनुमति पत्र लाने के लिए कहा तो युवकों ने पथराव कर दिया। होमगार्ड के साथ मारपीट की गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवक फरार हो गए। हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया।
मृतक शिवम उम्र 18 वर्ष पुत्र अरविंद बिनौली रोड कोमल बिहारी का रहने वाला है और कक्षा 12 का छात्र है और वह उसके पिता सीआरपीएफ में जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। शनिवार को दोपहर के समय गह क्लेश के चलते उसने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल जो उसके पिता और मां अनुराधा के नाम है उसे कनपटी पर सटाकर गोली मार ली। जब इसकी सूचना परिजनों को लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जिस पिस्टल से छात्र ने आत्महत्या की है, उसे कब्जे में ले लिया है, कोतवाल संजीव कुमार ने कहा मामले की जांच की जा रही है।
बागपत संवाददाता के अनुसार बड़ौत से छात्र के शव को लेकर परिजन मोर्चरी पहुंचे। इस बीच पांच-छह युवक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां बैठे डॉ विजय प्रकाश से तुरंत पोस्टमार्टम करने के लिए कहा। डॉ विजयप्रकाश का कहना था कि मुकदमें के कागज और अनुमति पत्र के बिना रात में पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं है। इस पर युवक भड़क गए। इमरजेंसी के बाहर निकलकर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर ईंट और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। होमगार्ड ने ऐसा करने से मना किया तो उसके साथ मारपीट की गई। कुछ देर बाद ही आरोपी भाग खड़े हुए। निवाड़ा चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और पोस्टमार्टम से भी इंकार कर दिया। मृतक के परिजनों का कहना था कि वह युवकों से परिचित ही नहीं है। देर रात तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों, पुलिस और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत चल रही थी। देर रात तक हंगामा चल रहा था।