बागपत। बड़ौत कोतवाली में क्षेत्र में आठ दिन पहले गाजियाबाद जनपद की किशोरी के सात औसिक्का गांव के दो युवकों ने गैंगरेप किया । पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर गैंगरेप का खुलासा किया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। इस मामले में एक आरोपी अभी फरार है। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में तनाव है। आरोपियों ने पहचान छिपाकर किशोरी के साथ दोस्ती की थी।
एसपी जयप्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि 23 अप्रैल को बड़ौत कोतवाली में गाजियाबाद जनपद की 16 वर्षीय किशोरी ने छोटू और राज नामक युवकों के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने विवेचना प्रारंभ कर पीड़ित से पूछताछ की तो पीड़ित ने पुलिस को दो अभियुक्तों के मोबाइल नंबर एवं फोटो उपलब्ध कराए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि गाजियाबाद में मेरे घर के पास ही पिंकी नामक महिला रहती है। जिसके घर मेरा और आरोपी छोटू का आना जाना था। पिंकी ने ही मेरी मुलाकात छोटू से कराई । पिंकी ने मुझे छोटू के बारे में बताया कि वह दिल्ली पुलिस में है। छोटू ने भी खुद को दिल्ली पुलिस में बताया । छोटू 20 अप्रैल को पिंकी के घर में था। उसने मुझे अपना गांव घूमाने के लिए कहा। पिंकी ने मुझसे कहा कि चली जाओ, डरने की जरूरत नहीं है। वहां राज भी मिलेगा। पिंकी के समझाने पर मैं छोटू के साथ 21 अप्रैल को आ गई । शाहदरा से ट्रेन में छोटू बागपत के सूजरा रेलवे हाल्ट पर लेकर आया और वहां राज को भी बुला लिया। राज बुलेट बाइक लेकर आ गया और बाइक पर बैठाकर दोनों किशोरी को ढोढरा गांव के जंगल में ले गए। वहां दोनों ने किशोरी के साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने विवेचना से पिंकी को धारा 120 बी का आरोपी बनाया । पिंकी गाजियाबाद मेें गत्ता फैक्ट्री मेें काम करती है।
थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने मोबाइल नंबर की लोकेशन पर रविवार को स्कूल बड़ौली के पास से आरोपी मुजफ्फरनगर जनपद के ओली माजरा गांव निवासी पिंकी और राज को बुलेट बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर राज ने अपना वास्तविक नाम वसीम पुत्र मुमताज निवासी औसिक्का बताया। उसने बताया कि छोटू का नाम कलीम पुत्र शान मोहम्मद निवासी औसिक्का है। पुलिस ने पिंकी और राज को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। इस मामले में छोटू उर्फ कलीम फरार है।
आरोपी राज ने दिए थे इंटर के पेपर
बागपत। पकड़े गए आरोपी राज उर्फ वसीम ने बताया कि वह नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज बुढेड़ा का छात्र है और इस वर्ष ही कक्षा 12 की परीक्षा दी। छोटू उर्फ कलीम उसका चचेरा भाई है और वह वेल्डिंग का काम करता है। छोटू ही गाजियाबाद से किशोरी को लेकर आया । उन्होंने ढोढरा गांव के जंगल में किशोरी के साथ गैंगरेप किया और इसके बाद किशोरी और छोटू को बड़ौत में छोड़कर वापस गांव लौट गया । छोटू किशोरी को हाइवे पर छोड़कर भाग गया।
नाम बदलकर किशोरी से की थी दोस्ती
बागपत। अपना बदलकर और पहचान छिपाकर आरोपी छोटू उर्फ कलीम ने पीड़ित किशोरी से दोस्ती की। उसने किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर विश्वास में ले लिया । किशोरी भी उस पर अटूट विश्वास करने लगी थी। किशोरी नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। इसका छोटू ने फायदा उठाया।
मोबाइल नंबर से पकड़े में आए आरोपी
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि गैंगरेप पीड़ित को आरोपियों के बारे में कुछ नहीं पता था। सिर्फ उनके मोबाइल नंबर ही मालूम थे। आरोपियों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर लोकेशन का पता किया। इसकी मदद से वारदात का खुलासा हुआ। फरार आरोपी को भी शीघ्र पकड़ लिया जाएगा।