बड़ौत (बागपत)। आजाद नगर मोहल्ले में भाई और बहन के अपहरण की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी ने सीमावर्ती क्षेत्र में नाकाबंदी कर चेकिंग कराई। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो दोनों बच्चे रेलवे स्टेशन की तरफ अकेले जाते दिखाई दिए। उनके तीसरे भाई से पूछताछ की तो अपहरण का मामला झूठा निकला। दोनों बच्चे दिल्ली के वजीराबाद स्थित अपनी ननिहाल में सकुशल पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
मोहल्ला आजाद नगर बड़ौत निवासी प्रवेंद्र दिल्ली मेट्रो में नौकरी करता है। उसकी पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। उसके 13 वर्ष की बेटी पारूल, 11 वर्षीय बेटा आर्यन और 7 वर्षीय बेटा आयुष घर पर अपनी दादी मोहरो देवी के साथ रहते हैं। बुधवार की सुबह वह ड्यूटी पर चला गया । दोपहर ढाई बजे के लगभग डायल 100 पुलिस को सूचना मिली की कि वैगनार कार सवार दो नकाबपोश बदमाश दो बच्चे पारूल व आयुष का अपहरण कर ले गए। भाई-बहन के अपहरण की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय, एएसपी रण विजय सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्र में नाकाबंदी कराकर चेकिंग शुरू करा दी। दोनों अधिकारियों ने बड़ौत पहुंचकर घटना की जानकारी दी। आजाद नगर में स्थित पालिका के चेयरमैन अमित राणा के आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरे की पुलिस ने फुटेज खंगाली तो दोनों बच्चे रेलवे स्टेशन की तरफ अकेले जाते दिखाई दिए। फुटेज देखने के बाद पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने उनके तीसरे भाई आर्यन से पूछताछ की तो अपहरण का मामला झूठा निकला। आर्यन से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि उनका ननिहाल दिल्ली के वजीराबाद में है। मंगलवार को तीनों बच्चे ननिहाल से वापस घर आए थे। पारूल व आयुष का मन नहीं लगा तो उन्होंने आर्यन से ननिहाल चलने के लिए कहा। आर्यन ने जाने से इंकार कर दिया। पारूल व आयुष ननिहाल चले गए और अपने भाई आर्यन से कह गए कि यदि उनके बारे में कोई पूछे से बता देना कि उन्हें कार सवार दो बदमाश अपहरण करके ले गए। बड़ौत रेलवे स्टेशन से दोनों स्टेशन में सवार होकर अपने ननिहाल वजीराबाद सकुशल पहुंच गए। एसपी ने ननिहाल में बात की तो दोनों वहीं मौजूद मिले। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
अपहरण की झूठी सूचना देने वाले की होगी जांच
बड़ौत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि भाई बहन के अपहरण की सूचना झूठी निकाली। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद स्पष्ट हो गया था तो दोनों बच्चों का अपहरण नहीं हुआ। दोनों अपनी मर्जी से ननिहाल चले गए। बच्चों ने क्यों इस तरह का कदम उठाया इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस को अपहरण की झूठी सूचना देने वाले की भी जांच की जाएगी।