जिले में लोकसभा चुनाव शांति पूर्वक कराना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। चुनाव में भाजपा और रालोद के बीच सीधी टक्कर होने के कारण कई जगह झगड़ा होने की संभावना है। जनपद में 61 मतदेय स्थलों पर भाजपा और रालोद समर्थकों में राजनीतिक प्रतिद्वदता है। पुलिस ने बूथों को चिन्हित किया। पुलिस अफसर दोनों पार्टियों के समर्थकों में झगड़ा नहीं होने देने की योजना तैयार करने में जुटे हैं।
लोकसभा सीट बागपत पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. सत्यपाल सिंह और रालोद प्रत्याशी जयंत चौधरी में सीधा मुकाबला होगा। जिले में कई जगह दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झगड़े के आसार बने हैं। बड़ौत में आयोजित एक टीवी चैनल के डिबेल कार्यक्रम में भाजपा और रालोद समर्थकों के बीच झगड़ा होने के बाद पुलिस अफसर टेंशन में आ गए हैं। पुलिस ने जनपद में 61 मतदेय स्थलों को चिन्हित किया है। इन मतदेय स्थलों पर भाजपा व रालोद समर्थकों में राजनीतिक प्रतिद्वदता है। पुलिस अफसरों ने चुनाव में दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झगड़ा नहीं होने देने की योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। एएसपी रण विजय सिंह ने बताया कि किसी भी कीमत पर चुनाव में झगड़ा नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा और रालोद के समर्थकों को चिन्हित किया जा रहा है। चुनाव से पहले उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि भाजपा व रालोद समर्थकों में राजनीतिक प्रतिद्वदता वाले मतदेय स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है। इन मतदेय स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात रहेगी।
इन मतदेय स्थलों को किया गया चिन्हित
बागपत। पुलिस ने भाजपा व रालोद समर्थकों में राजनीतिक प्रतिद्वदता वाले मतदेय स्थल सामुदायिक विकास केेंद्र में कमरा नंबर एक, दो व तीन छपरौली, शहीद सत्यपाल सिंह पूर्व माध्यमिक विद्यालय कमरा नंबर दो व तीन छपरौली, एसवीएम इंटर कॉलेज छपरौली, प्राइमरी पाठशाला कमरा नंबर ए, दो, तीन, चार ककौर, हरिजन चौपाल चांदनहेड़ी, हरिजन चौपाल कमरा नंबर दो किरठल, हरिजन चौपाल कमरा नंबर दो बासौली, आर्य कन्या इंटर कॉलेज कमरा नंबर एक व दो जिवाना समेेत 61 बूथों को चिन्हित किया।
45 बूथ क्रिटिकल
बागपत। जिले में 45 बूथ को जाट जाति बाहुल्य होने के कारण क्रिटिकल माना गया है। पुलिस की इन बूथों पर पैनी नजर रहेगी। पुलिस का कहना है कि बिरादरी के लोग रालोद ओर भाजपा में हैं, इसके चलते तनाव की स्थिति है।
सोशल मीडिया की निगरानी कर रही पुलिस
बागपत। लोकसभा चुनाव में असामाजिक तत्व अफवाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करेंगे। जानकारी केे अनुसार कई लोगों ने फर्जी एकाउंट भी बना लिए है। पुलिस ने सोशल मीडिया की निगरानी करनी शुरू कर दी है। गलत बयानबाजी व आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।