अमीनगर सराय (बागपत)। सात साल की तनु का शव गड्ढे से निकालकर तंत्र-मंत्र करने वाले आरोपी तांत्रिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। गमगीन माहौल में दोबारा लाश को उसी गड्ढे में दबा दिया गया, जिस गड्ढे से निकाली गई थी।
कमाला गांव के मजदूर गजे सिंह की सर्पदंश से मौत हो गई थी। शव को हिंडन नदी किनारे गड्ढे में दफना दिया गया था। मौत के करीब 50 घंटे बाद बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के गांव छोटा घुसराना निवासी तांत्रिक सूरज उर्फ रामू (23) बुधवार शाम कमाला पहुंचा और तंत्र-मंत्र से तनु को दोबारा जिंदा करने का दावा किया। इस पर सैंकड़ों ग्रामीण हिंडन किनारे पहुंच गए। अंधविश्वास में पड़कर परिजनों ने शव को निकालकर तांत्रिक को सौंप दिया। तांत्रिक ने रात करीब एक बजे तक मंत्र पढ़े। अंधविश्वास में सैकड़ों लोग नदी किनारे बैठे रहे। इस बीच सिंघावली अहीर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और तांत्रिक को हिरासत में ले लिया। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि आरोपी तांत्रिक के खिलाफ आईपीसी की धारा 297 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराकर दोबारा परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बृहस्पतिवार शाम दोबारा शव को उसी गड्ढे में दफना दिया, जहां से निकाला गया था। गजे सिंह के घर लोगों का जमावड़ा लगा है।
क्या है अंधविश्वास का मामला
अमीनगर सराय। कमाला गांव की सात साल की तनु को रविवार रात सांप ने डस लिया था। परिजन उसे लेकर झाड़ फूंक करने वाले के पास पहुंचे, लेकिन लाभ नहीं हुआ। इसके बाद बालैनी में सोमवार दोपहर डॉक्टर को दिखाया गया, जहां डॉक्टर ने तनु को मृत घोषित कर दिया। गमजदा परिजनों ने तनु को हिंडन नदी के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया था। बुधवार को बुलंदशहर निवासी रामू ने दावा किया कि वह तनु को जिंदा कर देगा। शाम के समय शव को गड्ढे से निकाला गया। इसके बाद देर रात तक तंत्र मंत्र की क्रियाएं शुरू हुई। भनक लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया।