बागपत। जिला कारागार में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जिस मोबाइल से फोटो वायरल किए गए, वह अब तक पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। जेल में ही आखिर मोबाइल कहां छिपा दिया। जांच अधिकारी कई बार बंदियों से पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन सुराग नहीं लग सका है।
मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जिला जेल में दो बार मोबाइल बरामद हो चुके हैं। डीएम ऋषिरेंद्र कुमार और एसपी जयप्रकाश ने छापे मारी की तो एक मोबाइल बरामद हुआ था, लेकिन यह एंड्रायड मोबाइल नहीं था। सवाल है कि आखिर जिस मोबाइल से बजरंगी की हत्या के बाद फोटो वायरल किए, वह कहां है। अभी तक पुलिस उस मोबाइल को बरामद नहीं कर सकी है। जांच अधिकारी ने अब तक 10 से अधिक बार संदिग्ध बंदियों से पूछताछ कर ली है, लेकिन अभी तक बरामदगी नहीं हो सकी है। पुलिस पड़ताल में जुटी है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि जांच चल रही है।
बागपत जेल में चल रहे मोबाइल
बागपत। जिला कारागार में अभी भी मोबाइल चल रहे हैं। पुलिस को इस तरह की सूचना मिलते ही छानबीन कराई जा रही है। पुलिस यहां चल रहे एंड्रायड मोबाइल की तलाश में है।
बंदियों के लिए जा रहे बयान
बागपत। जिला कारागार में बंदियों के बयान लिए जाने का सिलसिला जारी है। लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।