खंजरपुर कैडवा गांव निवासी मोनू हत्याकांड में पुलिस ने पत्नी और भांजे सहित चार युवकों को गिरफ्तार किया है। अनैतिक संबंधों का विरोध करने पर भांजे ने मामी और दोस्तों के साथ मिलकर मोनू की दुपट्टे से फांसी लगाकर हत्या की। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि 28 अप्रैल को कैडवा गांव में मोनू पुत्र भागमल का फांसी लगाकर शव घर में मिला । इस मामले में तहेरे भाई धर्मवीर ने मृतक की पत्नी दीपा और भांजे संजू भाटी सहित चार के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रविवार को कैडवा निवासी दीपा और गाजियाबाद के दत्तनगर निवासी संजू भाटी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि मोनू की पत्नी दीपा और भांजे संजू भाटी के बीच अनैतिक संबंध थे। मोनू को इसका पता चल गया । उसने दीपा को संजू से मिलने से मना किया । इसी बात पर दीपा ने संजू के साथ मिलकर पति को मारने की योजना बनाई। इसके बाद दीपा ने मोनू को चाय में नशे की चार गोली पिला दी, इससे वह सो गया। इसके बाद संजू ने दोस्त अभिषेक और विशाल के साथ मिलकर दीपा के दुपट्टे से फांसी लगाकर मोनू की हत्या कर दी। पुलिस ने गाजियाबाद के गढ़ी राजनगर निवासी अभिषेक पुत्र सुनील और गाजियाबाद के विजय नगर सेक्टर 12 वाल्मीकि कॉलोनी निवासी विशाल पुत्र रामशरण को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त दुपट्टा, बिजली का तार और नशे की गोलियां बरामद की। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
5-6 दिन पहले ही बनाया था हत्या का प्लान
बागपत। संजू और दीपा ने बताया कि उनके चार साल से अनैतिक संबंध थे, इसका मोनू विरोध करता था। कुछ दिन पहले दीपा ने मोनू को किसी से मोबाइल पर बात करते हुए सुन लिया था। मोनू किसी से कह रहा था कि 40 हजार रुपये दे दिए हैं। शेष पैसे संजू और दीपा की हत्या के बाद दूंगा। 11 मई को बेटी का जन्म दिन मनाने के बाद दोनों की हत्या कर देना। दीपा ने इसकी जानकारी संजू को दी। इसके बाद दोनों ने 5-6 दिन पहले मोनू की हत्या करने की योजना बनाई। 27 अप्रैल की रात में 12 बजे के लगभग संजू अपने दोस्त अभिषेक और विशाल को साथ लेकर कैडवा गांव पहुंचा। इसके बाद उन्होंने मोनू की हत्या कर दी। तीनों को रात्रि में कुछ ग्रामीणों ने घर से निकलते हुए देखा था।
करंट से मारने की थी योजना
बागपत। संजू ने बताया कि चारों ने मिलकर मोनू को चारपाई से बांध दिया था। पहले तो उसे करंट लगाकर मारना चाहा, लेकिन करंट का झटका लगते ही मोनू चारपाई से नीचे गिर गया। उसने मोनू का मुंह दबा लिया तो मोनू ने संजू की उंगली पर काट लिया। संजू चिल्लाया और उसकी उंगली से खून बहने लगा। मोनू ने अपनी पत्नी के भी हाथ में भी काटा, लेकिन उसके निशान नहीं बन पाए। इसके बाद चारों ने उसे दबोच लिया और दुपट्टे से फांसी लगाकर मार डाला।
बीकॉम का छात्र है संजू
बागपत। संजू भाटी बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह गाजियाबाद के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है। आरोपी विशाल नोएडा में नौकरी करता है। वहीं पर अभिषेक भी नौकरी करता था। दोनों में वहीं पर दोस्ती हुई। विशाल और अभिषेक में यहीं से दोस्ती हुई। अभिषेक और संजू पहले से ही दोस्त थे, इसलिए विशाल से संजू की भी दोस्ती हो गई।
चार साल की बेटी हो गई अनाथ
बागपत। मोनू की चार साल की बेटी अनाथ हो गई है। पिता की मौत के बाद उसका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं रहा है। मृतक के तहेरे भाई धर्मवीर ने बताया कि अब वह ही बच्ची का पालन पोषण करेगा।