बड़ौत। बड़ौली गांव में रविवार की सुबह किसान वीरेंद्र के खेत में अविवाहित छोटे भाई किसान देशपाल (58) का जला हुआ शव पड़ा मिला। गन्ने के खेत में शनिवार शाम को आग लगने के बाद वह लापता हो गए थे। भतीजे विकास ने दीवार के विवाद में उनकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया। वहां आई सीओ अंशु जैन ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की।
बड़ौली गांव निवासी विकास ने बताया कि उसके चाचा देशपाल शनिवार की सुबह नौ बजे खाना लेकर खेत पर गए थे। इसके बाद वापस नहीं आए। शनिवार शाम चार बजे गन्ने के खेत में आग लगने की सूचना मिली। उन्होंने परिवार और गांव के लोगों के साथ खेत पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इसके बाद चाचा को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। देर रात तक खेतों में चाचा को तलाशने के बाद वे घर चले गए थे।
रविवार की सुबह जले हुए गन्ने के खेत में चाचा देशपाल का शव मिला। विकास ने बताया कि गांव के कुछ लोगों से दीवार को लेकर पिछले छह महीने से विवाद चल रहा है। आरोप लगाया कि दीवार के विवाद में उसके चाचा की गन्ने के खेत में जिंदा जलाकर हत्या की गई है। वहीं पुलिस गन्ने के खेत में आग पर काबू पाते समय झुलसने से मौत होना मान रही है।
ऊर्जा निगम ने पल्ला झाड़ा
गन्ने के खेत में तारों से निकली चिंगारी से आग लगने की बात भी कही गई, मगर इस मामले में ऊर्जा निगम के अफसरों ने अपना पल्ला झाड़ लिया। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार यादव का कहना है कि आग लगने के बारे में बिजलीघर पर कोई सूचना नहीं दी गई। खेत में तार टूटने या चिंगारी गिरने की कोई जानकारी नहीं है।
भाई के साथ रहते थे देशपाल
किसान देशपाल अविवाहित थे और अपने बड़े भाई वीरेंद्र के साथ रहते थे। उनके एक भाई सुरेंद्र की पहले ही हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। सुरेंद्र के बेटे विकास उर्फ बोबी उनकी देखभाल करते थे।
वर्जन-
खाली खेत में गन्ने की पत्ती जलाते समय किसान के बड़े भाई वीरेंद्र के गन्ने के खेत में आग लग गई थी। उसमें झुलसने से मौत होने की बात सामने आ रही है। अभी तक कोई तहरीर भी नहीं मिली। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-अंशु जैन, सीओ बड़ौत