बड़ौत। बड़का गांव में राशन की दुकान आवंटन को लेकर सोमवार को गांव के पंचायत घर में खुली बैठक हुई। जहां कविता के पक्ष में प्रस्ताव पास होते ही महिलाओं ने ग्राम सचिव आलोक और एक एडीओ पर चार लाख रुपये लेकर दुकान आवंटित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बड़ौत-बड़का मार्ग पर जाम भी लगा दिया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ महिलाओं की नोकझोंक हुई। नायब तहसीलदार ने पहुंचकर मामला शांत कराया और जांच शुरू कराई गई।
महिलाओं पूजा कुशवाहा, राखी, सुनीता, बबली, आरती और उषा ने बताया कि करीब पांच महीने पहले राशन डीलर बबीता की दुकान में अनियमितता मिलने पर पूर्ति विभाग ने दुकान निरस्त कर दी थी। इसके बाद दुकान के आवंटन के लिए उन्नति स्वयं सहायता समूह से सुषमा, बजरंग समूह से सुषमा, आदर्श समूह से नगमा, मां काली समूह से रिया और राधा कृष्णा समूह से कविता ने आवेदन किया था। सामान्य श्रेणी से नितिन चौहान और रोहित ने भी आवेदन किया था।
उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को भी दुकान आवंटन के लिए खुली बैठक हुई थी, लेकिन जानबूझकर उसे निरस्त कर दिया गया था। सोमवार को दोबारा बैठक हुई। इसमें एडीओ पंचायत गजेंद्र सिंह, एडीओ आईएसबी प्रवीण मोहन और ग्राम सचिव आलोक कुमार मौजूद रहे। जहां कविता के पक्ष में दुकान का प्रस्ताव पास कर दिया। इसको लेकर महिलाओं ने दोनों अधिकारियों पर चार लाख रुपये लेकर दुकान का प्रस्ताव पास करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर ग्राम सचिव और एक एडीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख एसडीएम बाल कृष्ण सिंह ने नायब तहसीलदार विजय को मौके पर भेजा और मामले में जांच शुरू कर दी गई।
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रुपये लेकर दुकान आवंटित करने का आरोप गलत है। एडीओ ने ही दुकान का प्रस्ताव पास किया था। इसमें मेरा कोई मतलब नहीं है।
-आलोक कुमार, पंचायत सचिव
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महिलाओं के हंगामे की सूचना मिली थी। नायब तहसीलदार विजय को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-बाल कृष्ण सिंह, एसडीएम बड़ौत