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Baghpat News: पोस्टमार्टम में नहीं पता चला तेंदुए की मौत

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बड़ौत। गोपालपुर खड़ाना गांव में चार वर्षीय नर तेंदुए की रहस्यमयी मौत ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। पोस्टमार्टम में सिर्फ इतना पता चला कि मौत करीब आठ दिन पहले हुई है, मगर मौत किस कारण हुई है, यह पता नहीं चला। तेंदुए के आंत व अन्य अंग सड़ चुके थे। इनसे ही मौत का कारण पता लग सकता था।
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सोमवार को सुभाष के खेत में तेंदुए का शव पड़ा मिला। सूचना पर बड़ौत के रेंजर सुनेंद्र कुमार व तालिब खान टीम के साथ पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बड़ौत के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेशचंद्र यादव, डॉ. रोहित सिंह और निरपुड़ा के डॉ. देवेंद्र साहू ने मंगलवार को पोस्टमार्टम किया। डॉ. रमेश के अनुसार तेंदुए की उम्र लगभग चार वर्ष थी और शव पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे मौत की असल वजह सामने नहीं आ सकी। पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए के शव को दफना दिया गया।

वन विभाग की कार्यशैली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीण रविंद्र, बबलू, मिंटू, नीटू व संजीव आदि ने बताया कि पिछले कुछ सालों में बड़ौत क्षेत्र में नौ से ज्यादा तेंदुए संदिग्ध परिस्थिति में मर चुके हैं। कई तेंदुए शिकारियों के लगाए हुए फंदे में फंसे मिले हैं, मगर इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, न ही वन कर्मियों की जिम्मेदारी तय की गई।
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बिल्ली बताकर टालता रहा विभाग, घायल तेंदुआ कर गया हमला
ग्रामीण संजीव राठी ने बताया कि बीते कई दिनों से जंगल में एक घायल तेंदुआ घूमता दिखाई दे रहा था। विभाग को बार-बार सूचना दी गई, लेकिन उन्हें जवाब मिला। बिल्ली होगी, घबराने की जरूरत नहीं। तीन दिन पहले कृष्णपाल की पत्नी कृष्णा देवी पर तेंदुए ने खेत में गुर्राकर हमला कर दिया, किसी तरह वह बच गई। अब साफ हो गया कि वह तेंदुआ ही था।

मंत्री ने कहा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
राज्य मंत्री केपी मलिक ने कहा कि तेंदुए की मौत का मामला मेरी जानकारी में आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता चल जाता है, मगर अंग सड़ने के कारण पता नहीं लग सका। जिस जगह भी वन विभाग कर्मियों की लापरवाही होगी, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।

शिकार किया नहीं लग रहा, गश्त बढ़ेगी
वन क्षेत्राधिकारी सुनेंद्र सिंह ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि तेंदुए की मौत से ऐसा नहीं लग रहा है कि उसका शिकार किया गया है। साथ ही भविष्य में क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है।
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पिछले वर्षों में बड़ौत क्षेत्र में तेंदुओं की मौत की घटनाएं

-जुलाई 2025: गोपालपुर खड़ाना में तेंदुए की मौत

-अप्रैल 2024: किशनपुर बराल हाईवे किनारे घायल तेंदुआ मिला

-दिसंबर 2022: रंछाड़ में कुएं में गिरा तेंदुआ

-जनवरी 2021: बड़ौत रेलवे ट्रैक पर मादा तेंदुए की मौत

-दिसंबर 2020: बरनावा रेंज में सिर पर चोट लगने से तेंदुए की मौत

-अक्तूबर 2018: ककौर खादर में शिकंजे में फंसा तेंदुआ मिला

-मई 2016: निरपुड़ा गांव में आम के पेड़ के नीचे तेंदुए का शव मिला
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