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Baghpat News: पसीना बहाकर बैंकों का कर्ज चुकाया, फिर भी तीन करोड़ का कर्जदार बनाया

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बागपत। ललियाना के पवन चौधरी ने कृषि भूमि के आधार पर बने किसान क्रेडिट कार्ड पर वर्ष 2025 में दो लाख रुपये का लोन लिया था। खेतों में पसीना बहाकर मार्च 2026 में बैंक का कर्ज चुका दिया, लेकिन तहसील में फर्द लेने गए तो वहां 50 हजार रुपये का बकाया दिखाया गया। इस कारण दूसरे बैंक से लोन मिलने में परेशानी हुई। इस तरह कासिमपुर खेड़ी के उपेंद्र तोमर ने दो लाख रुपये लोन लिया था। इन्होंने भी पूरा लोन जमा कर दिया। इसके बावजूद यह भी फर्द में कर्जदार बने हुए हैं।
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यह पीड़ा केवल पवन चौधरी और उपेंद्र तोमर की नहीं है। इस तरह जिले के दो हजार से अधिक किसानों को बैंकों ने तीन करोड़ रुपये का कर्जदार बनाया हुआ है। इन सभी ने किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन लेकर मार्च 2026 तक जमा कर दिया। इसके बाद दोबारा लोन लेने की प्रक्रिया शुरू की। इसके लिए तहसील में फर्द लेने गए तो उसमें उनको कर्जदार दिखाया गया है।
किसानों ने तहसील के अधिकारियों को बताया कि वे अपना लोन जमा कर चुके हैं। इसके बाद भी बैंकों से तहसीलों में रिपोर्ट नहीं भेजी गई और उनकी फर्द में लोन की राशि बकाया दिखाई गई है, इसलिए वे जरूरत पड़ने के कारण दोबारा लोन नहीं ले पा रहे हैं। किसान सात महीने से बैंक अधिकारियों के पास चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या दूर नहीं हो रही है।
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ये किसान भी झेल रहे परेशानी
खामपुर लुहारी गांव के हरेंद्र दांगी, अग्रवाल मंडी टटीरी के रविंद्र मुखिया, लुहारा के बाबूराम मुखिया, भागौट गांव के महाराम सिंह, गौना गांव के पंडित राजकुमार, सहवानपुर गांव के राकेश यादव और ललियाना गांव के पवन चौधरी आदि दो हजार किसानों पर करीब तीन करोड़ रुपये का लोन बकाया दिखाया गया है। इनमें किसी पर 20 हजार रुपये तो किसी पर एक लाख रुपये दिखाए गए हैं। किसानों ने डीएम व सीडीओ से शिकायत कर बैंकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फर्द से बकाया हटवाने की मांग की है।

यह है प्रक्रिया
बैंकों से लोन लेने के लिए कृषि भूमि के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड बनाया जाता है। क्रेडिट कार्ड पर पांच लाख रुपये तक का लोन मिलता है और लोन को एक साल में जमा करना होता है। किसानों के लोन लेने के बाद तहसील को सूचना भेज दी जाती है, जिसे उनकी फर्द पर चढ़ा दिया जाता है। किसान एक साल में लोन जमा करते हैं और फिर नो-ड्यूज लेते हैं। लोन जमा करने के बाद बैंकों को तहसील में सूचना भेजनी होती है ताकि फर्द में दर्ज किया गया लोन हटाया जा सके।
केस एक
लहचौड़ा गांव के शिवदत्त ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये का लोन लिया था और लोन पूरा जमा कर दिया गया। बैंकों द्वारा रिपोर्ट नहीं भेजने के कारण फर्द पर 50 हजार रुपये का बकाया दिखाया जा रहा है। बैंकों ने अभी कर्ज नहीं उतारा है और इनको परेशान होना पड़ रहा है।
केस दो
अग्रवाल मंडी टटीरी के हिम्मत सिंह का कहना है कि किसान क्रेडिट कार्ड पर चार लाख रुपये का लोन लिया था। लोन को एक साल में मेहनत कर जमा कर दिया। फिर भी एक लाख रुपये का फर्द पर बकाया दिखाया जा रहा है। जब बैंक में गए तो बताया कि रिपोर्ट भेजकर बकाया हटवा देंगे, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।

वर्जन
-किसानों ने लोन जमा करने के बाद भी फर्द से उसे नहीं हटाने की समस्या बताई है, इसलिए उनको दोबारा लोन नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में जांच कराई जा रही है और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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