बागपत। लहचौड़ा गांव के श्रीगणेश मंदिर परिसर परिसर में दबाए गए अंकित और इसरार के शवों की पूरी तरह से पुष्टि करने के लिए पुलिस ने चार परिजनों का बुधवार को जिला अस्पताल में डीएनए टेस्ट कराया। उनके सैंपल की लैब में शवों से लिए गए डीएनए सैंपल से मिलान कराया जाएगा।
सिंगौली तगा गांव से लापता हुए दिव्यांग अंकित प्रजापति और उसके दोस्त इसरार के शवों को 13 अगस्त को लहचौड़ा गांव के श्रीगणेश मंदिर परिसर में गड्ढे से बरामद किया गया था। काफी समय तक गड्ढे में दबे होने के कारण दोनों शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे। हालांकि परिजनों ने दोनों शवों की पहचान कर अंतिम संस्कार और सुपुर्द ए खाक कर दिया था।
पुलिस ने हत्यारोपी साधु नरेशनाथ निवासी कुंडेश्वरी जिला ऊधमसिंह नगर, उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा और कृष्णा निवासी धुम्मा जिला जौनपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि पहचान कराने के लिए अंकित की मां उर्मिला, पिता मुकेश, इसरार के बेटे अयान और भाई फरीद की डीएनए जांच कराई गई है। उनके सैंपल का मृतकों के डीएनए से मिलान कराया जाएगा।