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Baghpat News: सड़क हादसों में हेड कांस्टेबल और अग्निवीर के भाई की मौत

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अमीनगर सराय/रटौल। मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर पिलाना भट्ठे के पास दूध के टैंकर ने सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल संजय कुमार (45) निवासी गली नंबर तीन कोर्ट रोड बागपत की बाइक में टक्कर मारने के बाद कुचल दिया। इससे संजय कुमार की मौत हो गई और उनकी पत्नी घायल हो गई। इसके अलावा मंगलवार देर रात अग्निवीर के भाई सागर (23) निवासी ढिकौली और उसके दोस्त रोहित की बाइक ऊंट बुग्गी से टकरा गई, जिससे सागर की मौत हो गई और रोहित घायल हो गया।
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बागपत के कोर्ट रोड निवासी ऋषिपाल ने बताया कि उनके भाई संजय कुमार सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल थे, जो बुधवार को अपनी पत्नी रूबी के साथ कपड़े खरीदने अमीनगर सराय गए थे। वहां से वापस आते समय मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर जैसे ही पिलाना भट्ठे के पास पहुंचे तो पीछे से आए कैंटर ने उनकी बाइक में टक्कर मारी। इससे उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिसमें संजय सड़क की तरफ और उनकी पत्नी रूबी किनारे की तरफ गिर गई।
तभी कैंटर का पहिया संजय कुमार के ऊपर से उतर गया, जिससे उनकी मौके ही मौत हो गई। उनकी घायल पत्नी रूबी का पिलाना सीएचसी में उपचार कराया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने टैंकर को कब्जे में लेकर चालक को पकड़ लिया।
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ढिकौली गांव निवासी अग्निवीर सैनिक सचिन ढाका ने बताया कि उसका छोटा भाई सागर बीए का छात्र था। मंगलवार रात सागर अपने दोस्त रोहित के साथ बाइक से ललियाना गांव में दशहरे का मेला देखने गया था। रात करीब 11 बजे मेला देखकर दोनों घर वापस आ रहे थे। जैसे ही चमरावल चौराहे के पास स्कूल के सामने पहुंचे तो आगे चल रही ऊंट बुग्गी से उनकी बाइक की भिड़ंत हो गई।
टक्कर लगते ही सागर उछलकर सड़क किनारे खेत में जा गिरा, जबकि रोहित सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। मेला देखकर पीछे आ रहे ढिकौली गांव के युवकों ने पुलिस सूचना दी और दोनों की पहचान करने के बाद परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने दोनों घायलों का पिलाना सीएचसी में उपचार कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन दोनों को निजी अस्पताल में लेकर चले गए। जहां उपचार के दौरान सागर की मौत हो गई। इस मामले में एएसपी प्रवीण कुमार चौहान का कहना है कि दोनों मामलों में शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे संजय कुमार
कोर्ट रोड गली नंबर तीन के रहने वाले संजय कुमार वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। अब उनकी तैनाती दिल्ली में चल रही थी। वहां से घर आए हुए थे। संजय कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे और उनके परिवार में दो बेटे हैं।

पिता बोले, बार-बार मना करने के बाद भी मेला देखने गए
ढिकौली गांव के रहने वाले सोनू ढाका गाड़ी धुलाई का काम करते हैं और उनके परिवार में चार बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें रोहित दूसरे नंबर के थे। मंगलवार रात हादसे में रोहित की मौत के बाद सोनू ढाका टूट गए। बुधवार को बिलखते हुए कह रहे थे कि रोहित को मेले में जाने से रोकने के लिए बार-बार मना करते रहे, लेकिन रोहित ने बात नहीं मानी और मेला देखने चला गया। रोहित ढाका बीए की पढ़ाई के साथ सेना और पुलिस में भर्ती होने की तैयारी भी कर रहे थे। बुधवार को परिवार वालों ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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