बड़ौत। फ्लिपकार्ट के 77 लाख रुपये के मोबाइल व अन्य सामान का बड़ौत के डिलीवरी गोदाम से गबन कर लिया गया। गोदाम के मैनेजर और उसके चार साथी खुद ही ऑर्डर करके महंगे मोबाइल समेत अन्य सामान मंगवाते थे और फिर पैकेट खोलकर महंगा सामान निकालने के बाद दूसरा सस्ता सामान रखकर वापस भेज देते थे। वापस भेजे गए पैकेटों में दूसरा सामान निकलने पर कंपनी ने ऑडिट कराया तो 77 लाख रुपये के गबन का पता चला। इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर रामभवन सिंह वासी सेक्टर-119 आम्रपाली प्लेटिनम नोएडा ने बताया कि उनकी कंपनी फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड को लॉजिस्टिक सेवा देती है। इनके बागपत, बड़ौत व खेकड़ा में डिलीवरी गोदाम हैं। पिछले डेढ़ साल में कंपनी से भेजे गए ऑनलाइन ऑर्डर ज्यादा कैंसिल होकर वापस जा रहे थे।
उनके पैकेट से छेड़छाड़ भी हो रही थी। इसकी जांच कराई गई तो पता चला कि एप्पल समेत अन्य कंपनियों के महंगे मोबाइल डिब्बों से निकालकर कोई दूसरा सस्ता सामान रखकर वापस भेज दिया जाता था। इस तरह अन्य महंगे सामान गायब किए गए।
उनके अनुसार रिकॉर्ड की जांच कराने पर पता चला कि कंपनी को पिछले डेढ़ साल में 77 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। गोदाम के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की गई तो बैग या अन्य सामान रखकर सीसीटीवी कैमरे की दृश्यता पहले ही बाधित कर दी जाती थी।
इस दौरान ही महंगे मोबाइल फोन समेत अन्य सामान के पैकेट खोलकर दूसरा सामान रखने का शक है।
इस मामले में गोदाम के मैनेजर आशीष चौधरी के साथ अभिषेक, विवेक, हिमांशु निवासी आजाद नगर बड़ौत, अनिल निवासी बड़ौदा जिला मुजफ्फरनगर और उसके अन्य साथियों के नाम सामने आए हैं। इसमें पुलिस ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी और कई से पूछताछ की।
इसमें आरोपियों के पकड़े जाने पर यह मामला करोड़ों के गबन तक पहुंच सकता है।