दोघट। मुजफ्फरनगर जिले में भैंसाना मिल तिराहे पर रोडवेज बस की टक्कर लगने से जान गंवाने वाले फरमान (25) अपने घर कहकर गए थे कि सोरम से आते समय शाहपुर से अपनी और बेटी अल्लो की दवा लेकर आएंगे। अब जीवनभर कर इंतजार रह गया है। हादसे में उमरदीन, उनकी बेटी और रिश्तेदार की मौत होने के बाद परिवार वाले रोते-बिखलते हुए यही बातें कह रहे थे।
तमेलागढ़ी गांव निवासी आलम ने बताया कि उनके परिवार का फरमान अपने परिवार के साथ बागपत के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था, जो कई माह से गांव में रह रहा था। मुजफ्फरनगर जिले के सोरम गांव में रिश्तेदार की मौत होने पर बुधवार की सुबह बाइक से अपनी बेटी अल्लो (3) को बाइक पर लेकर गए थे। वहां से वापस आते समय राजपुर जिला मुजफ्फरनगर निवासी बहनोई मोमीन भी उनके साथ आ रहे थे।
फरमान घर से जाने से पहले परिजनों से यह भी कहकर गए थे कि सोरम से वापस आते समय शाहपुर के जर्राह से जांघ में निकली फुंसी-फोड़े की दवा और बेटी को बुखार की दवा दिलाकर आएंगे। भैंसाना मिल तिराहे पर रोडवेज की टक्कर से तीनों की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिसकर्मियों ने गांव में फोन कर जानकारी दी। हादसे का पता चलते ही परिवार वाले मुजफ्फरनगर चले गए। फरमान के परिवार में पत्नी नसीमा, बड़ा बेटा रहमान, मां समीना और पिता उमरदीन, बड़ा भाई आशु हैं।