बागपत। खेकड़ा में पुलिस वालों से लेकर शराब के ठेकेदारों की दहशत है। मंगलवार रात खेकड़ा में चेकिंग कर रहे डायल-112 पर तैनात सिपाही आशीष ने एक युवक को गालियां देते हुए थप्पड़ों से पिटाई की। उधर, पाठशाला चौकी के सामने शराब के ठेके पर 10 रुपये ज्यादा वसूलने का विरोध करने पर मवीकलां गांव के कमल और उसके साथी की लाठी-डंडों से पिटाई की गई।
मवीकलां गांव निवासी कमल तेवतिया ने बताया कि नौ अगस्त को पाठशाला चौकी के सामने स्थित ठेके पर शराब लेने गया था। ठेके पर तैनात सेल्समैन ने उससे निर्धारित मूल्य से 10 रुपये अधिक मांगे तो उसने विरोध किया। आरोप लगाया कि वहां पर आए ठेकेदार ने सेल्समैन और अन्य कर्मियों के साथ मिलकर उसके साथ गाली-गलौज की और ठेके के बाहर जमीन पर गिराकर लाठी से पीटना शुरू कर दिया।
वहां पर खड़े गांव के अरविंद ने उसे बचाने का प्रयास किया तो उसके साथ भी मारपीट कर घायल कर दिया। उनको 20 से अधिक डंडे मारे गए और चाकू दिखाकर पेट में घोंपने की धमकी दी गई। वहां किसी ने मोबाइल से वीडियो बना ली। इसको लेकर वह थाने में पहुंचा तो पुलिस ने कार्रवाई तक नहीं की। एसपी से बुधवार को शिकायत करने के बाद खेकड़ा पुलिस की नींद खुली। पुलिस ने सात अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और इसके बाद रिहान निवासी मुरादाबाद और राहुल निवासी बाबूगढ़ हापुड़ को गिरफ्तार कर लिया।
n इंस्पेक्टर बदलते ही बढ़ रहीं घटनाएं : खेकड़ा में 10 दिन पहले ही इंस्पेक्टर को बदला गया है। इसके बाद से लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।
पहले चौकी पर शराब पीकर सिपाही ने हंगामा किया तो अब सिपाही की नई वीडियो सामने आ गई। चौकी के सामने ही ठेके पर युवकों की पिटाई की गई और पुलिस आराम से बैठी रही। वीडियो सामने आने के तीन दिन बाद पुलिस की आंख खुली। इस तरह पुलिस पर नियंत्रण पूरी तरह से खत्म होता दिख रहा है।