बड़ौत। एटीएम में डालने के लिए बैंक से निकलवाकर 5.26 करोड़ रुपये गबन करने के मुकदमे में आरोपियों से बरामद हुए 5.02 करोड़ रुपये न्यायाधीश ने कंपनी को जारी करने के आदेश दिए। अब जल्द ही ये रुपये कंपनी को सौंप दिए जाएंगे।
मेरठ की सीएमएस कंपनी के प्रबंधक योगेंद्र सिंह ने चार मार्च को बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि एटीएम में डालने के लिए निकाले गए 5.26 करोड़ रुपये का कर्मी रॉकी मलिक निवासी लिसाढ़ और गौरव तोमर निवासी आरिफपुर खेड़ी ने गबन कर लिया। कई की गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी गौरव तोमर और रॉकी ने चंडीगढ़ पुलिस से मिलीभगत कर खुद को तमंचे के साथ गिरफ्तार करा दिया। इस पर आपत्ति जताने पर चंडीगढ़ पुलिस ने जांच के बाद डीसीसी प्रभारी इंस्पेक्टर जसमिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल सतीश और सीनियर कांस्टेबल समुंदर के अलावा मनीष निवासी जौहड़ी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इसके बाद चंडीगढ़ जेल से सभी आरोपियों को बागपत जेल में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि अन्य आरोपियों को बागपत से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर पांच करोड़ दो लाख रुपये बरामद किए गए। कंपनी के सलाहकार निखिल मान ने बताया कि 5.26 करोड़ रुपये के गबन में बरामद हुए 5.02 करोड़ रुपयों की सुपुर्दगी के लिए कंपनी की तरफ से न्यायालय में याचिका दायर कराई गई, जिस पर सुनवाई पूरी होने के बाद बरामद हुए रुपये कंपनी को सौंपने के आदेश दिए। इस मामले में पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुसार रुपये सुपुर्द कर दिए जाएंगे।