अमीनगर सराय। लुहारा गांव निवासी सीआरपीएफ के सिपाही विपिन कुमार (35) की बीमारी से मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार की सुबह सिपाही का शव गांव लाया गया, जहां पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पिता नरेश ने बेटे को मुखाग्नि दी।
लुहारा गांव निवासी विपिन कुमार 2015 में सीआरपीएफ में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे, जिनकी तैनाती वर्तमान में दिल्ली के लोधी मार्ग स्थित निदेशालय में चल रही थी। बताया कि दो दिन पहले सिपाही विपिन कुमार को पेट में दर्द होने की समस्या हुई। परिजनों ने उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान मंगलवार शाम सिपाही विपिन कुमार की मौत हो गई। इसकी सूचना परिजनों ने सीआरपीएफ के मुख्यालय पर दी। इसके बाद बुधवार की सुबह सीआरपीएफ के जवान तिरंगे में लिपटा हुआ शव लेकर लुहारा गांव पहुंचे, जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सिपाही विपिन कुमार के परिवार में पत्नी और छह साल की बेटी अमायरा और दस माह का बेटा कृष्णा है। विपिन कुमार का छोटा भाई आकाश गांव में खेती करता है।
पिता के कंधों पर बेटे की अर्थी देख आंख हो गई नम
लुहारा गांव निवासी सीआरपीएफ के सिपाही विपिन कुमार के पिता नरेश यादव भी सेना में असम राइफल में सूबेदार पद पर तैनात रहे। सूबेदार पद से सेवानिवृत्त होने के बाद नरेश यादव घर पर रह रहे थे। बेटे विपिन कुमार की मौत होने पर उन्हें गहरा आघात पहुंचा। उधर, बुधवार को पिता नरेश यादव के कंधे पर बेटे की अर्थी देख ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।