शामली/कांधला। पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख रुपये का इनामी नफीस बाग ठेकेदार से शातिर अपराधी बन गया। 26 वर्षों में उस पर हत्या, लूट, गैंगस्टर, मुठभेड़ आर्म्स एक्ट और जाली करंसी के 34 मुकदमे दर्ज हुए। पुलिस का कहना है कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में वह सक्रिय रहा और तेलंगाना में सात-आठ मामलों में जेल गया था।
नफीस के पिता मूदा बाग में ठेकेदारी का कार्य करते थे। 90 के दशक में नफीस अपने पिता के साथ बाग में ठेकेदारी के कार्य पर जाता था। वर्ष 1993 में मार्च माह में होली से एक दिन बाद मूदे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोहल्ला कानूनगोयान स्थित देवी मंदिर में लूट की घटना को अंजाम दे रहा था। मंदिर के निकट स्थित घर में ईश्वर बिजली वाले का परिवार रहता था। मंदिर में लूट की घटना का आभास होने पर ईश्वर ने अपने मकान की छत से मंदिर की छत पर जाकर मूदे व उसके साथियों द्वारा की जा रही घटना का विरोध किया था, जिस पर मूदे ने ईश्वर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस के रिकाॅर्ड के अनुसार थाना कांधला में नफीस के खिलाफ पहला मुकदमा 1999 में जानलेवा हमले की धारा में हुआ था। इसके बाद बदमाश के खिलाफ शामली, कांधला, झिंझाना, मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना, हरियाणा के पानीपत के थाना चांदनी बाग व करनाल के घरोंडा में लूट, लूट, चोरी, हत्या करने का प्रयास आदि के अभियोग पंजीकृत होते चले गए। वर्तमान में पुलिस के अनुसार अब तक उसके खिलाफ 34 मामले प्रकाश में आए है। इसमें चार बार पुलिस नफीस के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर चुकी है तथा वह थाने के टाॅप टेन बदमाशों की सूची में शामिल था। पुलिस आरोपी का रिकाॅर्ड खंगाल रही है। मृतक बदमाश के खिलाफ थाना कांधला के अतिरिक्त, कोतवाली शामली, झिंझाना, जनपद मुजफ्फरनगर के बुढाना, चांदनी बाग पानीपत व घरोंदा करनाल में 34 मुकदमे दर्ज हैं। वह शामली के नसीम चीचड़ गैंग का सदस्य था। नसीम के बाद नफीस ही गैंग की कमान संभाल रहा था।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि नफीस दक्षिण भारत के तमिलनाडु, कर्नाटक व चेन्नई समेत कई राज्यों में भी सक्रिय रहा है। तेलंगाना में वह सात आठ मामलों में जेल गया था। एसपी के मुताबिक वह हरियाणा के करनाल में रहता था। हरियाणा में भी वह सक्रिय रहा। यहां आपराधिक वारदात करने के बाद दक्षिण भारत में भाग जाता था और वहां अपराध करने के बाद हरियाणा में आकर छिपता था।
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भरे बाजार में मारपीट कर फैलाई थी दहशत
पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार जनवरी 2000 में नफीस का इनाम नामक व्यक्ति के साथ विवाद हो गया था। नफीस ने इनाम को नगर के मेन बाजार में रोककर लाठी डंडों से मारपीट करते हुए अधमरा कर दिया था। नफीस ने 2000 के दशक में अपने मकान से कुछ दूरी पर स्थित एक व्यापारी के घर में रात को अपने साथियों के साथ डकैती डाली थी। इसके बाद व्यापारी ने उस मकान को छोड़कर दूसरी जगह मकान खरीद लिया था। वहीं दूसरी ओर पड़ोस में ही एक व्यापारी के साथ मामूली विवाद में उसे गोली मारकर घायल कर दिया था। इन मामलों में नफीस के डर के कारण कोई मामला उस समय दर्ज नहीं हुआ था।
जाली करंसी का बन गया था सरगना
तीन अगस्त 2023 को एटीएफ मेरठ ने शामली के नौकुआं निवासी इमरान के घर छापा मारा था। एसटीएफ को मौके से 6,08,300 रुपये के जाली नोट बरामद किए थे। उस दौरान मौके से नफीस व तहसीम उर्फ मोटा मौके से दो साथियों सहित मौके से भाग गए थे। पूछताछ में इमरान ने पुलिस को बताया था कि जाली नोट उसे कांधला के मोहल्ला खैल निवासी नफीस ने उपलब्ध कराए थे। वह एक लाख रुपये के बदले 45 हजार रुपये कमीशन देता था। पुलिस ने नवंबर में तहसीम उर्फ मोटा व बिलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नफीस सरेंडर कर जेल चला गया था। बाद में जमानत पर आ गया था। पुलिस का मानना था कि नफीस के संबंध पाकिस्तान में बैठे किसी आईएसआई के सरगना के साथ हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी।
मृतक बदमाश के परिजनों ने मुठभेड़ पर उठाए सवाल
मृतक नफीस के छोटे भाई नदीम ने बताया कि उसका भाई नफीस पिछले कई वर्षों से अपने बड़े भाई के साथ कर्नाटक में रहता था। वहां पर दोनों भाई कपड़ों की फेरी का कार्य करते हैं। पांच दिन बाद बुढ़ाना में नफीस के साले का निकाह है, जिसके चलते शुक्रवार को वह अपने भाई नफीस उनकी पत्नी शमां व लड़की आसिया के साथ कस्बे में पहुंचे थे। नफीस ने अपनी पत्नी के साथ बाजार में जाकर कपड़े खरीदे थे। देर शाम वह कपड़ों को लेकर अपने साले को देने के लिए बुढ़ाना के लिए गया था, लेकिन रात से उसका मोबाइल बंद आ रहा था। सुबह सात बजे पुलिस ने घर पर पत्नी शमां को नफीस के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना दी। परिजनों का कहना है कि नफीस के द्वारा कोई भी अपराध नहीं किया जा रहा था, वह फेरी कर अपने परिवार का गुजर बसर कर रहा था।
बरामद बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट निकली
एसपी ने बताया कि घटना के बाद मौके से बरामद बाइक पर जो नंबर मिला है, वह किसी दूसरी बाइक का निकला। वह प्रथम दृष्टया कैराना निवासी सोनू के नाम दर्ज बाइक का नंबर पाया गया। बदमाश ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बाइक की नंबर प्लेट को बदला हुआ था।
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आठ साल पूर्व निकाह, लडकी को लिया गोद
नदीम ने बताया कि उसके भाई नफीस ने पिछले काफी समय से प्रदेश को छोड़ा हुआ था। लगभग आठ वर्ष पूर्व नफीस का निकाह बुढ़ाना निवासी शमां के साथ हुआ था। मोहल्लेवालों के अनुसार मृतक नफीस के कोई बच्चा ना होने पर कुछ समय पूर्व एक लड़की आसिया को गोद लिया था, जिसकी उम्र लगभग तीन वर्ष बताई गई है।
इन मामलों में चल रहा था वांछित
एसपी ने बताया कि नफीस को एक गोली माथे, एक छाती और तीसरी गोली पेट में लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि नफीस तीन मामलों में वांछित चल रहा था, जिसमें एक मुकदमा कांधला थाना में चार अक्तूबर को गढीदौलत में रजबहे की पुलिया पर लूट की योजना बनाने का दर्ज हुआ था, जिसमें गंगेरू निवासी अजय उर्फ चील गिरफ्तार हो गया था। मौके से नफीस भाग गया था। दूसरा मुकदमा थाना झिंझाना में एक माह पूर्व दर्ज हुआ था, जिसमें गांव भड़ी से फुगाना थानाक्षेत्र के गांव लोई लौटते समय अबरार की पत्नी रुखसाना व जुल्फाना से तीन बदमाशों ने जेवर लूट लिए थे। इस मामले में नफीस शामिल था। तीसरा मामले में कुछ दिन पहले झिंझाना के गांव मंगलौरा में जयवीर की हत्या की साजिश में नफीस का नाम प्रकाश में आया था। अन्य मुकदमों में वह जमानत पर चल रहा था।
पिता था मुखबिर
नकली करेंसी प्रकरण से जुड़े नफीस के पिता मुदा पुलिस के मुखबिर थे। वह पुलिस की मदद करते थे। पुलिस हर मामलों में उसके पिता की ही मदद लेते थे।
इनामी के शव को देर रात किया सुपुर्दे खाक
इनामी नफीस के शव को देर रात मोहल्ला खैल में ले जाया गया, जहां पर उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। देर रात में ही मोहल्ले के कब्रिस्तान में शव को सुपुर्दे खाक किया गया।