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Baghpat News: देश और विदेश में दौड़ रहीं ब्लैक लिस्ट हो चुकी 190 बसें

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बागपत। जिले से पंजीकृत कराई गईं 190 बसों को ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी देश व विदेशों में दौड़ाया जा रहा है। ट्रैवल्स कंपनियों की इस लापरवाही का खामियाजा इन बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ सकता है। इनको कई बार नोटिस भेजने के बाद भी जांच नहीं कराने पर परिवहन विभाग के अधिकारियों ने पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
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परिवहन विभाग कार्यालय में पंजीकृत 225 स्लीपर बसों में 40 बसें ऐसी हैं, जिनके पास इंटरनेशनल परमिट भी है। इन सभी बसों को लखनऊ के मोहल्लागंज क्षेत्र में 15 मई को हाईवे पर स्लीपर बस में आग लगने के बाद ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था। हादसे के बाद जांच में सामने आया था कि बस का पंजीकरण बागपत और फिटनेस गोरखपुर से कराकर खेल किया जा रहा था। ऐसा इसलिए किया जाता है, जिससे बस में सीटों को बढ़ाया जा सके। अगर सीट बढ़ाने के बाद उसी जिले में फिटनेस कराई जाती है, जहां से उसका पंजीकरण है तो यह खेल पकड़ में आ जाता है, इसलिए ही बागपत के परिवहन विभाग कार्यालय से पंजीकृत बसों को ब्लैक लिस्ट करते हुए यहां जांच कराने के लिए 15 मई को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद जांच के लिए केवल 35 बसें ही ट्रैवल्स कंपनियों ने यहां भेजीं और 190 बसों की जांच नहीं कराई गई। इन बसों की ट्रैवल्स कंपनी को फिर से नोटिस जारी किया तो इसके बाद भी वह जांच के लिए यहां लेकर नहीं पहुंचे। अधिकारियों की जांच में सामने आया कि इन बसों को ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है, इसलिए अब इनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।





नेपाल में जाती हैं सभी 40 बसें

जिन 40 बसों का इंटरनेशनल परमिट है। वे नेपाल में यात्रियों को लेकर जाती हैं। ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी नेपाल तक बसें जा रही हैं और इसका खुलासा दो दिन पहले नेपाल बॉर्डर पार करते समय बागपत की स्लीपर बस के पकड़े जाने के बाद हुआ। एआरटीओ राघवेंद्र सिंह ने बस मालिक के खिलाफ बागपत कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया।
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जांच इसलिए भी जरूरी



ब्लैक लिस्ट की गई किसी भी बस में हादसा होता है तो उसमें सवार यात्रियों को किसी भी तरह की मदद मिलने में परेशानी आएगी। बसों की जांच में सभी सुविधाएं जैसे अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स आदि को भी देखा जाता है। बसों की जांच होगी तो यह सुविधाएं पूरी की जाएंगी।



एक ही कंपनी ने यहां से पंजीकरण कराकर चलाईं 59 बसें



दिल्ली की एक ही कंपनी ने बागपत से 59 बसों का पंजीकरण कराकर चलाया हुआ है। यह कंपनी सभी बसों के ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब व बिहार आदि स्थानों पर इनको दौड़ा रही है। अभी तक सभी बसों की जांच नहीं हुई है।



वर्जन

स्लीपर बसों की जांच के लिए ट्रैवल्स कंपनियों व उनके मालिकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि जल्द ही जांच नहीं कराई गई तो उनका पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उनकी सूची तैयार कराई जा रही है।
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-राघवेंद्र सिंह, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
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