बागपत। सचिव किस तरह से गांवों में घपलों से बचने के लिए खेल कर रहे हैं। इसका इसी बात से पता चलता है कि सिरसलगढ़ दरकावदा के सचिव प्रिंस जैन ने ठेकेदार पर पहले धमकी देने का आरोप लगाकर अधिकारियों को अपने पक्ष में किया। फिर चुपचाप उसी ठेकेदार को वाटर कूलर का पांच लाख रुपये का भुगतान कर दिया। यह भुगतान भी जांच चलते हुए किया गया।
सिरसलगढ़ दरकावदा गांव के सचिव प्रिंस जैन ने बिनौली ब्लॉक व थाने में शिकायत कर आरोप लगाया था कि गांव में वाटर कूलर लगवाए गए थे। उनका वह भुगतान नहीं कर रहा है और ठेकेदार उस पर भुगतान करने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस पर अधिकारी भी उसके पक्ष में दिखाई दिए कि वाटर कूलर लगवाने में घपले का आरोप लग रहा है तो सचिव प्रिंस जैन ने भुगतान करने से इन्कार कर दिया लेकिन सचिव ने अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर एक सप्ताह बाद ही पांच लाख रुपये का ठेकेदार को भुगतान कर दिया। इसमें भी बड़ा खेल यह किया गया कि वाटर कूलर लगवाने की निविदा अलग-अलग जारी की गई और भुगतान एक ही वाउचर से कर दिया गया। क्योंकि निविदा पांच वाटर कूलर की एक साथ जारी करने पर उच्च अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ती लेकिन उसने अलग-अलग निविदा खुद ही जारी की और फिर भुगतान कर दिया। इस तरह एक तरफ वाटर कूलर लगवाने में घपले की जांच चल रही है और दूसरी तरफ ठेकेदारों से मिलकर सचिव भुगतान करने में लगे हैं। इस पर डीपीआरओ अरुण अत्री का कहना है कि यह मामला संज्ञान में नहीं था और अब फाइल आने पर इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पांच सचिवों के तबादले, कई पर लग चुके गड़बड़ी के आरोप
बागपत। डीपीआरओ अरुण अत्री ने पांच सचिवों के तबादले कर दिए हैं। इन सभी के ब्लॉक बदले गए हैं। इनमें आलोक कुमार को बिनौली से बड़ौत, फारूख को खेकड़ा से बागपत, देशपाल सिंह को बागपत से पिलाना, विकुल तोमर को बड़ौत से छपरौली और पूजा तोमर को बड़ौत से बिनौली भेजा गया है। इनके तबादले स्थानांतरण नीति के तहत करने की बात कही गई है लेकिन इनमें से कई पर गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं और इनको लेकर हंगामा भी हुआ। सुल्तानपुर हटाना में देशपाल सिंह पर बिना कागजों के नाला निर्माण कराने और पीली ईंट लगवाने के आरोप लगे थे, जबकि पूजा तोमर पर भी ग्रामीणों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।